
काबुल: तालिबान ने की अफगान सरकार के मीडिया प्रमुख की हत्या
क्या है खबर?
अफगानिस्तान में आज तालिबान ने सरकार के मीडिया विभाग के प्रमुख की गोली मारकर हत्या कर दी। सरकारी मीडिया एवं इनफॉर्मेशन सेंटर के निदेशक दवा खान मिनापाल पर देश का राजधानी काबुल की एक मस्जिद के पास हमला किया गया।
अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मीरवाइज स्तेनकजई ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि आतंकियो ने नमाज के दौरान मिनापाल पर हमला किया।
तालिबान ने बयान जारी कर इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।
हमला
दोपहर 1:30 बजे हुआ हमला
स्तेनकजई ने बताया कि मिनापाल पर दोपहर 1:30 बजे के करीब हमला हुआ। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से क्रूर आतंकवादियों ने एक बार फिर कायरतापूर्ण काम किया है। एक देशभक्त अफगान को शहीद होना पड़ा।"
वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने मीडिया को मैसेज भेजते हुए हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उनके मुजाहिदीनों ने ये हत्या की है।
मिनापाल अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उपराष्ट्रपति के प्रवक्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
अन्य हमला
मंगलवार को तालिबान ने किया था रक्षा मंत्री पर हमला
बता दें कि तालिबान ने मंगलवार को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी की हत्या करने की असफल कोशिश भी की थी। मोहम्मदी पर बम और बंदूक से काबुल में हमला किया गया था, लेकिन वे हमले में बाच-बाच बच गए।
महीनों से चले आ रहे संघर्ष में ये पहली बार था जब तालिबान ने काबुल में कोई हमला किया था। इस असफल हमले के बाद उसने सरकार के अन्य नेताओं को भी निशाना बनाने की बात कही थी।
संघर्ष
अफगानिस्तान में चल रहा सेना और तालिबान के बीच संघर्ष
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना की वापसी के बीच अफगानिस्तान में तालिबान और अफगान सेना के बीच संघर्ष चल रहा है।
माना जा रहा है कि तालिबान देश के एक तिहाई हिस्से पर कब्जा कर चुका है और उसने कहा है कि अगर वो चाहे तो दो हफ्ते में पूरे देश पर कब्जा कर चुका है।
देश में स्थिति तेजी से गृह युद्ध में तब्दील होती दिख रही है जो एक अच्छी खबर नहीं है
कब्जा
तालिबान ने व्यापारिक महत्व वाले इलाकों पर किया कब्जा
तालिबान ने पाकिस्तान, ईरान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को जोड़ने वाले हेरात, फरहा, कंधार, कुंदुज, तखर और बदख्शां प्रांतों में कई बड़े हाईवे और बॉर्डर पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। इन रास्तों से 2.9 बिलियन डॉलर का आयात-निर्यात किया जाता है।
आतंकियों की इस सोची समझी योजना से अमेरिका तक हैरान है। अमेरिकी सेना के कई विशेषज्ञों ने भी तालिबान की बढ़ती ताकत को लेकर चेतावनी जारी की है और यह बड़ी परेशानी का कारण है।
हिंसा
आम नागरिकों पर भी हमला कर रहा तालिबान, भारतीय पत्रकार की नृशंसता से हत्या
तालिबान ने खुद में बदलाव का चोला भी उतार फेंका है और वो आम नागरिकों पर भी हमला कर रह है। एक गांव में तो उसने दर्जनों सैकड़ों निहत्थे आम लोगों की हत्या कर दी।
यही नहीं उसने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने वाले भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की पहचान करने के बाद नृशंसता से हत्या की।
सिद्दीकी को जिंदा पकड़ने के बाद तालिबान ने उनके सिर पर हमला किया और उन्हें गोलियों से भून दिया।