
सर्बिया: 7वीं के छात्र ने स्कूल में की फायरिंग, 8 बच्चों और एक गार्ड की मौत
क्या है खबर?
सर्बिया की राजधानी बेल्ग्रेड में एक 7वीं कक्षा के छात्र ने अपने ही स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें 8 छात्रों की मौत हो गई है। घटना में एक सिक्योरिटी गार्ड की भी मौत हुई है।
पुलिस ने छात्र को हिरासत में लिया है। घटना बुधवार सुबह 8:40 बजे व्लादिस्लाव रिबनिकार प्राइमरी स्कूल की है।
बताया जा रहा है कि गोलीबारी करने वाले छात्र ने अपने पिता की बंदूक से घटना को अंजाम दिया।
घायल
6 छात्र और 1 शिक्षक भी घायल
घटना में 6 छात्र और 1 शिक्षक के घायल होने की भी खबर हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं, सर्बिया के आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "पुलिस ने सभी उपलब्ध गश्ती दलों को तुरंत मौके पर भेजा और 7वीं कक्षा के एक संदिग्ध नाबालिग को गिरफ्तार किया, जिस पर अपने पिता की बंदूक से कई गोलियां चलाने का संदेह है।"
हाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनास्थल का हाल
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की जानकारी दी है।
एक स्कूली लड़की ने कहा, "मैंने देखा कि बच्चे स्कूल से बाहर भाग रहे हैं और चिल्ला रहे हैं। बच्चों को छोड़ने आए माता-पिता दहशत में थे। बाद में मैंने तीन बार फायरिंग की आवाज सुनी।"
एक अभिभावक मिलन मिलोसेविच ने अपने बच्चे के हवाले से कहा कि शूटर ने पहले शिक्षक और फिर टेबल के नीचे छिपे बच्चों पर गोली चलाई।
बयान
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने फौरन स्कूल को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि छात्र को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने हिरासत में लिए छात्र का नाम केके बताया है और कहा कि वो इसी स्कूल का छात्र है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस उनके भी बयान दर्ज कर घटना की वजह तलाशने में जुटी है।
सील
पुलिस ने आसपास का इलाका सील किया
घटना के बाद पुलिस ने आसपास का इलाका सील कर दिया है। वहीं, संदिग्ध छात्र की गिरफ्तारी का भी एक वीडियो फुटेज सामने आया है, जिसमें पुलिस छात्र को पुलिस वाहन की ओर ले जाती दिख रही है।
पुलिस ने संदिग्ध छात्र की उम्र 14 साल बताई है।
स्कूल जिस क्षेत्र में स्थित है, वहां के मेयर मिलन नेडेल्जकोविक ने कहा कि डॉक्टर बच्चों और शिक्षकों की जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।