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ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की नई योजना, हर नागरिक को दे सकता है 90 लाख रुपये
अमेरिका ग्रीनलैंड के नागरिकों को एकमुश्त राशि देने पर विचार कर रहा है

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की नई योजना, हर नागरिक को दे सकता है 90 लाख रुपये

लेखन आबिद खान
Jan 09, 2026
02:35 pm

क्या है खबर?

वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका की नजरें ग्रीनलैंड पर है। ट्रंप प्रशासन पहले ही इस द्वीप पर कब्जा करने के लिए सभी विकल्प खुले होने की बात कह चुका है। अब सामने आया है कि अमेरिका ग्रीनलैंड के नागरिकों को भारी-भरकम राशि देकर द्वीप को खरीदने की तैयारी में है। खबर है कि अमेरिका हर नागरिक को 9 लाख से लेकर 90 लाख रुपये (1,000 से 1 लाख डॉलर) तक एकमुश्त दे सकता है।

रिपोर्ट

अमेरिकी प्रशासन में क्या हुई चर्चा?

समाचार एजेंसीरॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन के भीतर इस बात पर चर्चा हुई है कि ग्रीनलैंड के नागरिकों को एकमुश्त राशि दी जाए, जो 9 से लेकर 90 लाख रुपये के बीच हो सकती है। हालांकि, ये पैसे कब और किस तरह से दिए जाएंगे, इसको लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह विचार अभी प्रारंभिक चरण में है और इसके विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं।

राशि

अमेरिका को कितने पैसे खर्च करना होंगे?

ग्रीनलैंड की आबादी लगभग 57,000 है। अगर इस प्रस्ताव पर अमल किया जाता है, तो अमेरिका को इसके लिए करीब 6 अरब डॉलर तक खर्च करना पड़ सकते हैं। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने देश के सांसदों से कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करना चाहते बल्कि उसे खरीदना चाहते हैं। हालांकि, ट्रंप के इस कदम का यूरोपीय देश विरोध कर रहे हैं।

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बयान

डेनमार्क बोला- पहले गोली चलाएंगे, बाद में बात करेंगे

डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई डेनिश क्षेत्र पर हमला करता है, तो उसके सैनिक बिना किसी आदेश के पहले गोलीबारी करेंगे, उसके बाद बातचीत होगी। वहीं, अमेरिका की कथित योजना का कई यूरोपीय देशों ने भी विरोध किया है। फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका को चेताया है। इन देशों ने कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला वहां की जनता करेगी।

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अमेरिका

ट्रंप ने दी थी ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले दिनों बलपूर्वक स्वायत्त भूभाग ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दी और संधि की जगह पूरे ग्रीनलैंड पर अधिकार का दावा किया। उन्होंने कहा कि रूसी-चीनी जहाजों की मौजूदगी के कारण आर्कटिक क्षेत्र अमेरिकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति और उनकी टीम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं, और अमेरिकी सेना का उपयोग राष्ट्रपति के पास विकल्प है।

शासन

अब ग्रीनलैंड के बारे में जानिए

ग्रीनलैंड 1721 में डेनमार्क के नियंत्रण में आया था। तब से 1979 तक यहां डेनमार्क का शासन रहा। फिलहाल ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। ग्रीनलैंड अभी भी डेनमार्क से मिलने वाली सब्सिडी पर निर्भर है और रक्षा का जिम्मा डेनमार्क के पास ही है। डेनमार्क अभी भी ग्रीनलैंड की विदेश और सुरक्षा नीति से लेकर व्यापार को नियंत्रित करता है। हालांकि, बीते कुछ सालों से यहां स्वतंत्रता की मांग बढ़ी है।

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