राजा रवि वर्मा की 'यशोदा और कृष्ण' की पेंटिंग 167 करोड़ रूपये में बिकी
क्या है खबर?
आधुनिक भारतीय कला के जनक कहलाए जाने वाले राजा रवि वर्मा ने हिंदू देवी-देवताओं की छविओं को इतनी कुशलता से कैनवास पर उकेरा कि उनकी कल्पना को ही भगवान के असली चेहरे माने जाने लगे। आलम ये है कि रवि वर्मा की पेंटिंग लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में उच्च कीमत पर नीलाम होती हैं। हाल ही में एक नीलामी के दौरान उनकी एक पेंटिंग को 167.2 करोड़ रुपये में बेचा गया है। आइए नीलामी के बारे में जानते हैं।
नीलामी
कब और कहां हुई नीलामी?
पेंटिंग की नीलामी बीती 01 अप्रैल को दिल्ली में स्थित सैफ्रनआर्ट नीलामी घर द्वारा 'स्प्रिंग लाइव सेल' के हिस्से के रूप में की गई है। इस पेंटिंग पर भगवान श्री कृष्ण का उनकी मां यशोदा के साथ चित्र है, जिसके माध्यम से रवि वर्मा ने मातृ प्रेम को प्रस्तुत किया है। नीलामी से पहले इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत 80 करोड़ रुपये से 120 करोड़ रुपये थी, लेकिन यह अपनी अनुमानित कीमत से दोगुना में बिकी है।
खरीददार
किसने खरीदी पेंटिंग?
रवि वर्मा की इस शानदार पेंटिंग को भारतीय कला बाजार के उद्योगपति और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक साइरस एस पूनावाला द्वारा खरीदा गया है। पूनावाला द्वारा लगाई गई ऐतिहासिक कीमत ने पेंटिंग को नीलामी में बिकने वाली आधुनिक भारतीय कला की अब तक की सबसे महंगी पेंटिंग बना दिया है। इस पेंटिंग ने एम.एफ. हुसैन की पेंटिंग 'अनटाइटल्ड (ग्राम यात्रा)' के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं, जो पिछले साल 118 करोड़ रुपये में बिकी थी।
बयान
यह सौभाग्य और जिम्मेदारी दोनों है- पूनावाला
पूनावाला ने कहा, "यह पेंटिंग सौभाग्य और जिम्मेदारी दोनों है।" उन्होंने आगे कहा कि वह प्रयास करते रहेंगे कि यह राष्ट्रीय धरोहर समय-समय पर जनता को दिखाने के लिए उपलब्ध रहे। वहीं सैफ्रनआर्ट के अध्यक्ष और सह-संस्थापक मीनल वजीरानी ने इसे एक निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा, "यह न केवल कला बाजार के लिए अनमोल है, बल्कि यह भारतीय कला की सांस्कृतिक और भावना का एक सशक्त प्रमाण भी है।"
अन्य नीलामी
गायतोंडे की पेंटिंग 67 करोड़ रुपये में हुई थी नीलाम
पिछले साल 27 सितंबर को भारतीय कलाकार वासुदेव एस गायतोंडे द्वारा बनाई गई एब्स्ट्रेक्ट पेंटिंग अपनी अनुमानित कीमत से 3 गुना ज्यादा कीमत पर बिकी थी। यह पीले रंग के कैनवास पर बनी ऑयल पेंटिंग थी, जो 67.08 करोड़ में बिकी थी। पेंटिंग की नीलामी सैफ्रनआर्ट नीलामी घर की 25वीं वर्षगांठ के दौरान हुई थी। इसे 'लाइव ईवनिंग सेल' के हिस्से के रूप में बेचा गया था।