
हिटलर की पेंसिल की होगी नीलामी, जानिए इसका महत्व और अन्य महत्वपूर्ण बातें
क्या है खबर?
एडोल्फ हिटलर एक प्रसिद्ध जर्मन तानाशाह थे, जिनके 52वें जन्मदिन (20 अप्रैल, 1941) पर ईवा ब्रौन ने एक पेंसिल उपहार के रूप में दी थी।
इस पेंसिल के किनारे पर 'ईवा' लिखा और शीर्ष पर 'AH' लिखा हुआ है।
अब यह पेंसिल ब्लूमफील्ड नामक नीलामी का हिस्सा बनने जा रही है और लगभग 81 लाख रुपये में इसके बिकने की उम्मीद है।
उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में नीलामी की बोली 6 जून को लगेगी।
नीलामी
हिटलर के जीवन का अलग पहलू दर्शाती है यह पेंसिल- कार्ल बेनेट
द इंडिपेंडेंट से बात करते हुए नीलामी के निदेशक कार्ल बेनेट ने कहा, "इस 8.5 सेमी लंबी पेंसिल से हिटलर के जीवन का एक अलग पहलू सामने आता है, जो उसने जनता की नजरों से छिपाकर रखा हुआ था। जर्मन की जनता के सामने वह एक कट्टर राष्ट्रवादी नेता था, जबकि ईवा के साथ उनका निजी जीवन एकदम अलग था।"
नीलामी में इस पेंसिल के साथ हिटलर की कटलरी आइटम और उनके हस्ताक्षर वाली तस्वीर भी शामिल होंगी।
जानकारी
ईवा ब्रौन कौन थी?
ईवा एक जर्मन फोटोग्राफर थी, जो पहली बार 1929 में म्यूनिख में हिटलर से एक मॉडल और हेनरिक हॉफमैन की असिस्टेंट के रूप में मिली थी।
इसके बाद वह हिटलर की पर्सनल फोटोग्राफर बन गई और धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ गए, लेकिन दोनों शायद ही कभी एक साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।
एक दूसरे के साथ उनकी एकमात्र तस्वीर है, जो 1936 के विंटर ओलंपिक के दौरान एक अखबार में छपी थी।
किताब
ईवा ने दो बार की आत्महत्या करने की कोशिश
ईवा ने हिटलर की अटेंशन पाने के लिए दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी।
साल 1932 में उसने खुद को सीने में गोली मार ली, जबकि साल 1935 में उसने दवाइयों का ओवरडोज ले लिया था।
इसके बाद दोनों एक दूसरे के साथ रहने लगे थे, लेकिन जर्मन इतिहासकार हेइके गोर्टेमेकर ने अपनी किताब 'ईवा ब्रौन: लाइफ विद हिटलर' में लिखा हुआ है कि युद्ध के बाद तक जर्मन जनता उनके संबंधों से काफी हद तक अनजान थी।
प्रतिक्रियाएं
हिटलर के सामनों की नीलामी को मिली कड़ी अलोचनाएं
हिटलर की व्यक्तिगत वस्तुएं तरह-तरह की नीलामी में भारी मात्रा में बिकी हैं, लेकिन उनकी बोली में लोगों ने कड़ी अलोचनाएं भी की और उनके व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की।
ऑस्ट्रिया, फ्रांस और जर्मनी में तो हिटलर से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री पर बैन है।
पिछले साल जब अमेरिका में अलेक्जेंडर हिस्टोरिकल नीलामी हिटलर के कई सामान बेचने वाली थी तब भी यूरोपीय यहूदी संघ ने इसका कड़ा विरोध करके इसे बैन करवा दिया था।