
इस देश में चिंपैंजी से करवाया जा रहा है चिड़ियाघर सैनिटाइज, देखें वीडियो
क्या है खबर?
दुनियाभर में कोरोना वायरस ने इस कदर आतंक मचा रखा है कि कई देशों में लॉकडाउन लागू है।
इसके साथ ही कई देश कोरोना से बचने के लिए अपने शहरों को रेगुलर बेसिस पर सैनिटाइज कर रहे हैं।
आमतौर पर सैनिटाइजेशन का काम इंसान ही करते हैं, लेकिन थाईलैंड के एक चिड़ियाघर में यह काम चिंपैंजी द्वारा करवाया गया।
हालांकि, पशु अधिकार संगठन (PETA) ने इसकी शिकायत थाईलैंड पुलिस से कर दी।
आगे जानिए पूरा मामला।
मामला
चिड़ियाघर को सैनिटाइज करता पाया गया चिंपैंजी
यह घटना थाइलैंड के सेमुट प्रैकर्न मगरमच्छ फार्म की है, जहां का चिंपैंजी साइकिल पर बैठकर चिड़ियाघर के अलग-अलग हिस्सों में डिसइंफेक्टेंट स्प्रे यानी सैनिटाइज करता हुआ नजर आया।
हालांकि, इस घटना का वीडियो जब पशु अधिकार संगठन (PETA) के पास पहुंचा तो उसने तुरंत इसकी शिकायत थाईलैंड पुलिस से कर दी।
इस बारे में PETA का कहना है कि यह घटना बेहद ही दुखद है। थाईलैंड के चिड़ियाघर में जानवरों की स्थिति बहुत खराब है।
ट्विटर पोस्ट
देखिए इस मामले की वीडियो
A video of a mask-wearing chimpanzee on a bicycle disinfecting a zoo in Thailand has sparked an online debate about the treatment of animals. #COVID19 pic.twitter.com/6HmcXxMqP7
— Yicai Global 第一财经 (@yicaichina) April 16, 2020
बयान
चिड़ियाघर की हालत बेहद खराब है- PETA
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बारे में PETA की प्रवक्ता निराली शाह का कहना है कि इस चिड़ियाघर में चिंपैंजी और मगरमच्छों की स्थिति बहुत दयनीय है। उनका इस्तेमाल सिर्फ लोगों के मनोरंजन के लिए किया जाता है और फिर पिंजरों में बंद कर दिया जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि इससे पहले पिछले साल ही यहां एक हाथी को प्रताड़ित करने का वीडियो वायरल हुआ था। वहीं, मगरमच्छों को खाना न देने का भी मामला सामने आया था।
सफाई
चिंपैंजी को एक्सरसाइज के लिए पिंजरे से बाहर निकाला था- चिड़ियाघर प्रशासन
इस बारे प्रशासन ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि चिंपैंजी से कोई सैनिटाइज नहीं बल्कि एक्सरसाइज कराई जा रही है, क्योंकि चिड़ियाघर बंद होने के कारण काफी जगह खाली है। यहां के चिंपैंजी प्रशिक्षित हैं और उन्हें बाहर निकालने का उद्देश्य उनका तनाव दूर करने से था।
उन्होंने आगे कहा कि हफ्ते में दो-तीन बार पूरे चिड़ियाघर की साफ-सफाई की जाती है ताकि जैसे ही जानवरों को खोलने का आदेश मिले तो वे पूरी तरह से तैयार रहें।