
बेंगलुरू: रेस्टोरेंट कर्मचारी डोसा बनाने से पहले तवे पर फेरता है झाड़ू, वीडियो देखकर भड़के यूजर्स
क्या है खबर?
दक्षिण भारत के लोकप्रिय व्यंजन डोसा को स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है, लेकिन अगर इसे पकाने का तरीका ही हाइजीन न हो तो क्या फिर भी इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए ठीक होगा?
दरअसल, हाल ही में बेंगलुरू के एक रेस्टोरेंट का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स डोसा बनाने से पहले तवे पर झाड़ू फेरता है। इसे देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए हैं।
आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
फेसबुक
फेसबुक पर साझा किया गया था रेस्टोरेंट का वीडियो
इस वीडियो को सबसे पहले फेसबुक पर @Thefoodiebae नामक अकाउंट से साझा किया गया था, फिर यह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा होने लगा।
वीडियो में एक व्यक्ति डोसा बनाने के लिए तवा तैयार करता है। वह उस पर पानी छिड़ककर झाड़ू से तवा को साफ करता है। इसके बाद वह डोसा बनाने के लिए बैटर को गोलाकार गति में फैलाता है। इसके बाद आलू का मसाला डालकर डोसे को लपेटकर सांभर के साथ परोस देता है।
वीडियो
झाड़ू के अलावा अधिक तेल का इस्तेमाल भी बना चर्चा का विषय
झाड़ू के अलावा वीडियो में यह भी देखा गया कि व्यक्ति डोसे को सेंकने के लिए अधिक तेल का भी इस्तेमाल करता है। वह एक पूरा पैकेट बड़े तवे पर बनाए गए 12 डोसे को सेंकने के लिए इस्तेमाल करता है।
हैरानी की बात यह है कि ऐसे डोसे को खाने के लिए बड़ी संख्या में लोग इसका इंतजार भी करते हैं। इसका अंदाजा आप वीडियो को देखकर भी लगा सकते हैं।
व्यूज
15 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं यह वीडियो
वीडियो को अब तक 15 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और 1 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं।
साथ ही फेसबुक पर साझा किए गए इस वीडियो के साथ एक कैप्शन में लिखा है, 'बेंगलुरु के सबसे हाई-टेक डोसा के लिए क्रेजी रश।'
इसके अलावा पोस्ट के कमेंट सेक्शन में भी कई लोगों ने तवा पोंछने के लिए झाड़ू के इस्तेमाल की आलोचना की है।
प्रतिक्रियाएं
वीडियो देखकर लोग साझा कर रहे हैं विभिन्न प्रतिक्रियाएं
एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में लिखा, 'सबसे हाईटेक तैलीय हृदय रोग डोसा।'
एक अन्य यूजर ने लिखा 'घी में तले हुए स्नैक्स....डोसा नहीं।'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'बेंगलुरु में इससे कहीं बेहतर डोसा वाली जगहें हैं।'
चौथे यूजर ने कंमेंट करते हुए लिखा, 'बेंगलुरू में कई जगहों पर डोसा तवे को साफ करने के लिए झाड़ू और अत्यधिक तेल का इस्तेमाल होता है। इसमें कुछ भी हाई-टेक नहीं है।'