
भारत में खोला जाएगा WWE का परफॉर्मेंस सेंटर- ट्रिपल एच
क्या है खबर?
WWE ने हाल ही में अमेरिका से बाहर अपना पहला परफॉर्मेंस सेंटर खोला है। यह सेंटर यूनाइटेड किंगडम में खोला गया है।
कंपनी के टैलेंट, लाइव इवेंट्स और क्रिएटिव वाइस प्रेसीडेंट ट्रिपल एच ने खुलासा किया है कि वह ऐसे ही अन्य सेंटर्स खोलने के इच्छुक हैं।
परफॉर्मेंस सेंटर की बदौलत ही हमें द शील्ड मेंबर्स, केविन ओवंस और एलिस्टर ब्लैक जैसे शानदार रेसलर देखने को मिले हैं।
WWE भारत में भी एक सेंटर खोलने की योजना बना रहा है।
ट्रिपल एच
पूरे विश्व में परफॉर्मेंस सेंटर खोलना चाहती है WWE
Hindustan Times के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान ट्रिपल एच ने कहा कि WWE भारत, मिडल ईस्ट और लैटिन अमेरिका में परफॉर्मेंस सेंटर खोलने पर विचार कर रहा है।
ट्रिपल एच के मुताबिक WWE को भरोसा है कि भारत में काफी ज़्यादा रेसलिंग टैलेंट मौजूद है।
यूनाइटेड किंगडम में परफॉर्मेंस सेंटर का उदघाटन NXT टेकओवर ब्लैकपूल के पहले ही किया गया था। यह इंग्लैंड में होेने वाला दूसरा NXT इवेंट था।
ट्रेनिंग
सुपरस्टार्स को क्या-क्या सिखाती है सेंटर
WWE भविष्य के सुपरस्टार्स को केवल फाइट करना ही नहीं सिखाती बल्कि उन्हें बिजनेस के बारे में अहम जानकारियां और प्रोफेशनल रेसलर के जीवन के बारे में सिखाती है।
मूव्स को कैसे सावधानी के साथ परफॉर्म करना है, प्रोमो कैसे देने हैं, रेसलर के गिमिक को डेवलप करना और स्टोरीलाइन को आगे ले जाने से लेकर और भी बहुत चीजें सिखाई जाती हैं।
ट्रेनिंग लेने वाले रेसलर्स को शॉन माइकल्स जैसे प्रोफेशनल से ट्रेनिंग लेने का मौका मिलता है।
जानकारी
अऩुभवी रेसलर्स को भी लेनी पड़ती है ट्रेनिंग
वह रेसलर्स जो नए हैं और बिजनेस ज्वाइन करना चाहते हैं को ही ट्रेनिंग से नहीं गुजरना पड़ता है बल्कि इंडिपेन्डेंट सर्किट पर काफी सफल करियर बना चुके अनुभवी रेसलर्स को भी WWE के हिसाब से ट्रेनिंग करना पड़ता है।
भारत
मुंबई में होगा पहला WWE ट्राई आउट
मार्च में WWE पहली बार भारत में ट्राईआउट करने जा रहा है। यह इवेंट मुंबई में आयोजित होना है।
ऐसा माना जा रहा है कि इस इवेंट पर 40 टैलेंटेड स्पोर्टपर्सन WWE ऑफिशयल्स के सामने प्रदर्शन करेंगे और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
इस दौरान जिन रेसलर्स को चुना जाएगा उन्हें WWE के लंदन या ओरलैंडो के परफॉर्मेंस सेंटर ले जाया जाएगा।
इसके पहले कविता देवी, रिंकू सिंह और सौरव गुर्जर जैसे भारतीयों को चुना गया था।