ललित मोदी ने क्रिकेट से क्यों बनाई दूरी और दाऊद इब्राहिम की क्या थी इसमें भूमिका?
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट प्रशासन से अपने विवादास्पद इस्तीफे के एक दशक से अधिक समय बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने पहली बार क्रिकेट से दूर होने के कारणों का खुलासा किया है। इतना ही नहीं उन्होंने इसके पीछे अंडरवर्ल्ड के सरगना दाऊद इब्राहिम और उसके आपराधिक नेटवर्क का भी हाथ बताया है। इस खुलासे ने क्रिकेट की स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी में दाऊद की भूमिका को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
सफाई
मोदी ने मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी को लेकर स्पष्ट की स्थिति
मई 2010 में भारत छोड़ने के बाद से मुख्य रूप से लंदन में रह रहे मोदी ने ANI से कहा, "IPL आयुक्त और अध्यक्ष के रूप में मेरे 3 वर्षों के दौरान आपने मैच फिक्सिंग की घटना नहीं सुनी और न ही मैच फिक्सिंग से जुड़ी कोई जांच हुई।" उन्होंने कहा, "IPL के शुरुआती वर्षों में फिक्सिंग के खिलाफ मेरे कड़े रुख से दाऊद द्वारा नियंत्रित एक विशाल भूमिगत सट्टेबाजी नेटवर्क के साथ मैं सीधे टकराव में आ गया था।"
आरोप
क्रिकेट में फैला है दाऊद कंपनी का सट्टा बाजार
मोदी ने कहा, "दाऊद बड़ा सट्टेबाज है। क्रिकेट सट्टेबाजी पर उसका पूरा नियंत्रण था। उन दिनों 2 अरब डॉलर (19,000 करोड़ रुपये) का अवैध सट्टा लगता था। आज एक मैच में 4 अरब डॉलर (लगभग 38,305 करोड़ रुपये) का अवैध सट्टा लगता है। यह बहुत बड़ा है। अकल्पनीय रूप से बड़ा। हर गेंद पर सट्टा लगने की संभावना रहती है। यह सट्टा बाजार है। अब कोई मैच फिक्स नहीं करता। ओवर फिक्स किए जाते हैं। गेंद फिक्स की जाती है।"
निशाना
मोदी कैसे बने दाऊद का निशाना?
मोदी ने स्पॉट फिक्सिंग के तरीकों पर कहा, "हमें नहीं पता कि फिक्सिंग के तरीके क्या हैं। कोई रुमाल निकालता है, कोई दूसरी तरफ कुछ रगड़ता है और यह एक फिक्सिंग का एक संकेत होता है। ठीक है, हम इन संकेतों पर नजर रखते हैं। हम इन संकेतों की तलाश करते हैं।" उन्होंने दावा किया, "मैं फिक्सिंग के इन संकेतों पर कड़ी नजर रख रहा था और सहयोग नहीं कर रहा था, इसलिए मैं दाऊद का मुख्य निशाना बन गया।"
विवाद
मोदी का दाऊद के साथ कैसे बढ़ा विवाद?
मोदी ने आरोप लगाया, "2009 के सीजन के दौरान विवाद काफी बढ़ गया था। उस समय भारत में आम चुनाव के कार्यक्रम के कारण उन्होंने IPL को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित कराया था। सट्टेबाजी गिरोहों ने इस धारणा पर भारी दांव लगाए थे कि टूर्नामेंट नहीं होगा।" उन्होंने कहा, "जब टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित हुआ, तो नुकसान झेलने वाले उनके खिलाफ हो गए।कानून प्रवर्तन एजेंसियों को धमकियों की जानकारी थी और मुझे 'Z' श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।"
हमला
मुछ पर तीन बार किया गया हमला- मोदी
मोदी ने दावा किया कि मैच के नतीजों को प्रभावित करने के प्रयासों से जुड़े कथित तौर पर करोड़ों डॉलर के प्रस्तावों को ठुकराने के बाद दाऊद के आदेश पर उन पर कई जानलेवा हमले हुए, जिनमें से तीन में वे बाल-बाल बचे। उन्होंने यह भी बताया कि लंदन में उनके बेटे का अपहरण भी किया गया था। उन्होंने इसे एक ऐसी घटना बताया जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से बात नहीं की थी।
हमला
दक्षिण अफ्रीका में भी बनाई गई थी हमले की योजना
मोदी ने आरोप लगाया कि IPL 2009 में उनके मुंबई आवास के बाहर गोलीबारी हुई और अधिकारियों ने दक्षिण अफ्रीका और मोंटेनेग्रो में उन्हें निशाना बनाने की अलग-अलग साजिशों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, "जब मैं केपटाउन में था, तब जोहान्सबर्ग में मेरे खिलाफ एक हमले की योजना बनाई गई थी, जिसकी जानकारी दक्षिण अफ्रीकी सरकार को मिली। मोंटेनेग्रो में भी मेरे खिलाफ एक हमले की योजना बनाई गई थी, जिसकी जानकारी क्रोएशियाई सीमा पर मिली थी।"
मुलाकात
लंदन के पेंटहाउस में दलाल से मुलाकात का दावा
2012 की घटनाओं को याद करते हुए मोदी ने कहा, "जब मुझे लंदन में देर रात एक बैठक में मुझे एक दलाल ने बुलाकर 'बाबा' के नाम के फिक्सिंग मध्यस्थ से मिलवाया गया था। मध्यस्थ ने IPL फ्रेंचाइजी हासिल करने में दिलचस्पी दिखाई और बाद में सैटेलाइट फोन से दाऊद को फोन किया।" मोदी ने आरोप लगाया, "फोन पर मुझे बताया गया कि पुराने विवादों को भुलाया जा सकता है। हालांकि, मैंने इसमें शामिल लोगों से दूरी बनाए रखी।"
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें साक्षात्कार का पूरा वीडियो
#WATCH | On being asked if he retired from cricket because of Dawood Ibrahim, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "It is one of the biggest reasons."
— ANI (@ANI) June 4, 2026
He says, "He took three hits at me... Dawood himself said this... He missed three times... The reason was that I… pic.twitter.com/HKYlhdL2o6