
हाई-स्कोरिंग ग्राउंड पर भी क्यों लिया पहले बल्लेबाजी का निर्णय? कोहली ने बताया कारण
क्या है खबर?
बीती रात बेंगलुरु में खेले गए तीसरे टी-20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को नौ विकेट से हरा दिया।
इस जीत के साथ ही अफ्रीका ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज को ड्रॉ करा लिया।
भारत की हार के बाद लगातार कप्तान विराट कोहली के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
कोहली ने खुद अपने निर्णय का जवाब दिया है। जानें कोहली ने क्या कहा।
बयान
विश्व कप को देखते हुए लिया पहले बल्लेबाजी का निर्णय- कोहली
कोहली से जब पूछा गया कि स्कोर का पीछा करने वाले मैदान पर उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय क्यों लिया तो उन्होंने अपने जवाब में कहा, "विश्व कप को देखते हुए हम अपनी कमजोरियों को परखना चाहते हैं।"
कप्तान कोहली ने आगे कहा कि जाहिर तौर पर परिणाम काफी मायने रखता है, लेकिन वे अपनी कमजोरियों को दूर करके कम्फर्ट जोन से बाहर आना चाहते हैं।
प्लान
आगे भी हम इसी प्लान के साथ उतरेंगे- कोहली
कोहली का प्लान तीसरे टी-20 में भले ही सफल नहीं रहा, लेकिन उनका कहना है कि विश्व कप से पहले के सभी टी-20 मैचों में उनकी टीम इसी प्लान के साथ उतरेगी।
भारतीय कप्तान ने कहा, "वास्तव में हम यही करना चाहते थे और विश्व कप से पहले के सभी मैचों में हम पहले बल्लेबाजी करने की कोशिश करेंगे। हम चाहते हैं कि विपरीत परिस्थितियों में बेहतर कर सकें।"
आंकड़े
दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीते हैं ज़्यादा मैच
भले ही कोहली ने अपने निर्णय के पीछे जो भी तर्क दिया है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही गवाही देते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले चिन्नस्वामी में कुल सात टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए थे, जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को केवल दो मुकाबलों में ही जीत मिली थी।
हाई-स्कोरिंग पिच मानी जाने वाली बेंगलुरु की इस पिच पर पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर भी काफी कम है।
लेखा-जोखा
इस तरह अफ्रीका ने जीता मुकाबला
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शुरुआत में ही रोहित शर्मा का विकेट गंवा दिया था और लगातार अंतराल पर विकेट गिरने के कारण एक समय स्कोर 98/6 हो गया था।
अफ्रीका के लिए कगीसो रबाडा सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 39 रन खर्च करके तीन विकेट झटके।
135 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफ्रीकी टीम की शुरुआत शानदार रही और उन्होंने कप्तान डि कॉक (79*) के दम पर मुकाबला अपने नाम किया।