विंजो के सह-संस्थापक पवन नंदा को न्यायालय से मिली राहत, जानिए क्या है पूरा मामला
क्या है खबर?
बेंगलुरु के एक सत्र न्यायालय ने विंजो के सह-संस्थापक पवन नंदा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। सूत्रों ने बताया कि नंदा को 5 लाख रुपये के निजी मुचलके और 2 लाख रुपये के 2 जमानती पेश करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करने और जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है।
निर्देश
न्यायालय ने दिया यह आदेश
न्यायालय ने नंदा को इसी प्रकार के अपराध न करने, अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमकाए या प्रभावित न करने और जांच के लिए उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें जमानत की शर्तों का पालन करने पर रिहा करने का आदेश दिया गया। पिछले साल दिसंबर में अदालत ने विंजो की सह-संस्थापक और निदेशक सौम्या सिंह राठौर को जमानत दे दी थी, लेकिन उसी आदेश में नंदा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
आरोप
ED ने लगाए थे यह आरोप
नंदा के खिलाफ ED का मामला बेंगलुरु, राजस्थान और दिल्ली में दर्ज FIR में उल्लिखित मूल अपराधों से जुड़ा है। एजेंसी का दावा है कि रियल-मनी गेम कंपनी ग्राहकों को असली प्रतिद्वंदियों की जगह एल्गोरिदम से मुकाबला करने पर मजबूर कर रही थी, जबकि उन्हें यह जानकारी नहीं दी जाती थी। इसके कारण कथित तौर पर 177 करोड़ रुपये का अवैध लाभ हुआ। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेशी सहायक कंपनियों को धनराशि का हस्तांतरण किया गया।