टेस्ट सीरीज: 21वीं सदी में इन तेज गेंदबाजों ने एक एशेज सीरीज में 30+ विकेट लिए
क्या है खबर?
एशेज सीरीज 2025-26 को ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने 4-1 से जीता। बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर अच्छी चुनौती देने में नाकाम रही। मेजबान टीम की इस सीरीज जीत में मिचेल स्टार्क की अहम भूमिका रही। उन्होंने 31 विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस बीच 2000 के बाद से एक एशेज सीरीज में 30+ विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों के बारे में जानते हैं।
#1
ग्लेन मैक्ग्रा (2001 में 32 विकेट)
पूर्व दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा ने एशेज 2001 में सर्वाधिक विकेट चटकाए थे। उन्होंने 5 टेस्ट की 10 पारियों में 16.93 की औसत से 32 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने उस सीरीज को 4-1 से अपने नाम किया। मैक्ग्रा ने 124 टेस्ट की 243 पारियों में 563 विकेट लिए थे। उन्होंने 29 बार 5 विकेट हॉल लिए और 3 मुकाबलों की दोनों पारियों को मिलाकर 10 विकेट चटकाए। 30 एशेज टेस्ट में उनके नाम 20.92 की औसत से 157 विकेट थे।
#2
मिचेल जॉनसन (2013-14 में 37 विकेट)
ऑस्ट्रेलिया ने 2013-14 में एशेज सीरीज पर 5-0 से कब्जा जमाया था। उस सीरीज में मिचेल जॉनसन को जोरदार प्रदर्शन रहा था। बाएं हाथ के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने 10 पारियों में 13.97 की औसत के साथ 37 विकेट लिए थे। उन्होंने 3 पारियों में 5 विकेट हॉल भी लिए थे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 40 रन देते हुए 7 विकेट लेना रहा। उनके बाद दूसरे सबसे ज्यादा विकेट रेयान हैरिस (22) ने लिए थे।
#3
मिचेल स्टार्क (2025-26 में 31 विकेट)
एशेज 2025-26 में स्टार्क ने 10 पारियों में 19.93 की औसत के साथ 31 विकेट लिए। इस बीच उन्होंने 2 पारियों में 5 विकेट हॉल लिए। इस बीच पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 58 रन पर 7 विकेट लेना रहा। कोई भी दूसरा गेंदबाज 25 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। स्टार्क के बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स ने 9 पारियों में 22 विकेट अपने नाम किए।
#4
स्पिनरों में शेन वॉर्न 2 बार कर चुके हैं ये कारनामा
21वीं सदी में स्पिनरों में शेन वॉर्न इकलौते ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने 2 संस्करणों में 30 से अधिक विकेट लिए थे। उन्होंने 2001 में 31 विकेट लिए थे। वह उस संस्करण में मैक्ग्रा के बाद दूसरे सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज थे। पूर्व महान स्पिनर ने 2005 में 19.92 की औसत के साथ 40 विकेट लिए थे। उनकी उम्दा गेंदबाजी के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को उस सीरीज में 1-2 से हार मिली थी।