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क्रिकेट के नियमों में MCC ने किए बदलाव, अब 'लैमिनेटेड बैट' की भी मिली अनुमति
क्रिकेट के नियमों में MCC ने किए बदलाव (सांकेतिक तस्वीर: एक्स/@ICC)

क्रिकेट के नियमों में MCC ने किए बदलाव, अब 'लैमिनेटेड बैट' की भी मिली अनुमति

Feb 03, 2026
05:41 pm

क्या है खबर?

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियम में एक बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब उन बल्लों को इस्तेमाल करने की इजाजत मिल गई है जिन्हें पहले गैर-कानूनी माना जाता था। दरअसल, असली विलो बैट बहुत महंगे हो गए हैं, इसलिए किफायती बल्लों के विकल्प के तौर पर ये बदलाव किए हैं। ये नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे, जो MCC द्वारा प्रकाशित किए जा रहे नियमों के संशोधित संस्करण का हिस्सा होंगे।

नियम 

क्या होता है 'लैमिनेटेड बैट'? 

लैमिनेटेड बैट को टाइप-D बैट भी कहा जाता है, जिसकी बनावट में 3 लकड़ी के टुकड़ों तक का इस्तेमाल होता है। पहले ये बल्ले पहले सिर्फ जूनियर क्रिकेट में ही इस्तेमाल किए जाते थे। यह फैसला दुनिया भर में बल्लों की बढ़ती कीमतों से निपटने की कोशिश के तहत MCC द्वारा लिया गया है। लैमिनेशन बैट में आमतौर पर इंग्लिश विलो के फेस को कम परफॉर्मेंस वाली विलो से सपोर्ट दिया जाता है।

अंतर 

'लैमिनेटेड बैट' के इस्तेमाल से नहीं होगा कुछ खास फायदा

MCC के नियमों के मैनेजर फ्रेजर स्टीवर्ट ने कहा कि यह फैसला मैन्युफैक्चरर्स के साथ इन बैट की बड़े पैमाने पर टेस्टिंग के बाद लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाइप-D बैट से बल्लेबाजी परफॉरमेंस में बहुत कम या न के बराबर फायदा होगा। ऐसे में इस कदम का मकसद खेल के डायनामिक्स को बदले बिना निचले स्तर पर क्रिकेट को ज्यादा किफायती बनाना है।

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बयान 

मॉडर्न गेम को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं नियम- फ्रेजर स्टीवर्ट

MCC के नियमों के मैनेजर फ्रेजर स्टीवर्ट ने कहा, "यह जरूरी है कि हम इन बदलावों की घोषणा अभी करें, जो खेल के प्रति क्लब की ग्लोबल कमिटमेंट का हिस्सा है। इससे दुनिया भर के अधिकारियों को अक्टूबर में नए नियम लागू होने से पहले उन्हें सीखने का मौका मिलेगा। क्रिकेट एक तेजी से बदलता हुआ खेल है और यह एडिशन मॉडर्न गेम को ध्यान में रखकर बनाया गया है।"

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अन्य नियम 

अन्य नियमों में भी हुए बदलाव  

MCC द्वौरा कुछ और बड़े बदलाव भी देखने को मिलेंगे। कई दिनों तक चलने वाले मैचों में अगर कोई विकेट गिरता है, तो आखिरी ओवर तब तक खत्म नहीं होगा जब तक वह पूरा न हो जाए। जूनियर और महिला क्रिकेट गेंदों के लिए अब ज्यादा सख्त, स्टैंडर्ड साइज और वजन की लिमिट तय की गई हैं। इनमें तीन कैटेगरी साइज 1, 2, और 3 होंगी। ताकि सभी लेवल पर एकरूपता बनी रहे।

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