टी-20 विश्व कप: इन खिलाड़ियों ने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने के साथ-साथ जीते हैं खिताब
क्या है खबर?
टी-20 विश्व कप के इतिहास में अब तक 2 भारतीय खिलाड़ी 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने हैं। जसप्रीत बुमराह और विराट कोहली (2 बार) ऐसे भारतीय हैं, जिन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। हालांकि, कोहली 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने (2014 और 2016) के दौरान खिताब नहीं जीत सके थे। इस बीच विश्व के उन खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने के साथ ही खिताब जीतने में भी सफलता हासिल की है।
#1
केविन पीटरसन (2010)
इंग्लैंड क्रिकेट टीम पहली बार 2010 में विजेता बनी थी। पॉल कोलिंगवुड की कप्तानी में खेलते हुए इंग्लैंड ने फाइनल में 7 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को हराया था। उस संस्करण में केविन पीटरसन का बल्ला खूब चला था। इस पूर्व आक्रामक बल्लेबाज ने 6 पारियों में 62.00 की औसत और 137.77 की स्ट्राइक रेट के साथ 248 रन बनाए थे। उन्होंने 73* रन के सर्वोच्च स्कोर के साथ 2 अर्धशतक भी अपने नाम किए थे।
#2
डेविड वार्नर (2021)
टी-20 विश्व कप 2021 में ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर ने 7 मैच की 7 पारियों में 146.70 की स्ट्राइक रेट और 48.16 की औसत से 289 रन बनाए थे। इस बीच उनके बल्ले से 3 अर्धशतक निकले थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 89* रन था। फाइनल में उन्होंने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ 38 गेंदों में 53 रन बनाए थे। खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने कीवी टीम को 8 विकेट से शिकस्त दी थी।
#3
सैम कर्रन (2022)
सैम कर्रन ने टी-20 विश्व कप 2022 में 6 मैचों में 11.38 की औसत और 6.52 की इकॉनमी रेट से 13 विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया था। वह टी-20 विश्व कप के किसी एक संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। उन्होंने फाइनल में सिर्फ 12 रन देकर 3 विकेट लिए थे। उस संस्करण के फाइनल में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था।
#4
जसप्रीत बुमराह (2024)
टी-20 विश्व कप 2024 में बुमराह संयुक्त रूप से तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। उन्होंने 8 मैच में 8.26 की उम्दा औसत और 4.17 की बेहतरीन इकॉनमी रेट से 15 विकेट लिए थे। टूर्नामेंट में उनसे सबसे ज्यादा विकेट संयुक्त रूप से फजलहक फारूकी (17) और अर्शदीप सिंह (17) ने लिए थे। वहीं, फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराते हुए अपना दूसरा खिताब जीता था।