सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट के खिलाफ WFI की याचिका को किया खारिज, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए यह याचिका निष्प्रभावी हो गई है। इस अदालत को हाई कोर्ट के निष्कर्षों और टिप्पणियों को दोहराने का दायित्व नहीं है। दरअसल, WFI ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें फोगाट को एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी थी।
अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
मामले में 29 मई को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और फोगाट को ट्रायल में भाग लेने की इजाजत दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा आदेश पारित करने के तरीके पर चिंता जताई थी। उस दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने फोगाट को इस पूरे मामले में नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या दिया था आदेश?
22 मई को हाई कोर्ट ने फोगाट को चयन ट्रायल में हिस्सा लेने को मंजूरी देते हुए कहा था कि WFI चयन नीति में उनके जैसी आइकॉनिक खिलाड़ी पर विचार करने का अधिकार नहीं है, जो मातृत्व अवकाश से लौट रही हैं। हाई कोर्ट ने WFI को चयन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग करने और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का पर्यवेक्षक मौजूद रखने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने फोगाट को नोटिस भेजने पर WFI को फटकार भी लगाई थी।
सपना
हार के साथ टूटा फोगाट का वापसी का सपना
हालांकि, फोगाट एशियाई खेल के ट्रायल के सेमीफाइनल में हार गईं। महिला 53 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने फोगाट को 6-4 से हरा दिया। इस हार के साथ ही फोगाट का 2026 एशियाई खेलों में जगह बनाने का सपना भी चकनाचूर हो गया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जुड़ी WFI की याचिका को खारिज कर दिया, क्योंकि फोगाट ट्रायल भी दे चुकी है और बाहर भी गई हैं।
प्रकरण
क्या है पूरा मामला?
फोगाट ने पिछले साल संन्यास से वापस लौटने का फैसला किया था। वह वापसी करना चाहती थीं, लेकिन WFI ने उनके खिलाफ नियमों और पात्रता को लेकर सवाल उठाए। WFI ने विनेश पर संन्यास के बाद नियमों का पालन न करने, घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने और डोप टेस्ट नहीं देने के आरोप लगाए हैं। WFI का कहना है कि चयन नियम पूरे न होने के कारण उन्हें ट्रायल में हिस्सा नहीं दिया गया। इस पर फोगाट हाई कोर्ट गई थी।