दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत: मैथ्यू ब्रीट्जके और कॉर्बिन बॉश ने लगाए अर्धशतक, जानिए उनके आंकड़े
क्या है खबर?
दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीट्जके ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ पहले वनडे मैच में 72 रन की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का कुल 5वां और भारत के विरुद्ध पहला अर्धशतक साबित हुआ। वहीं, निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए आए कॉर्बिन बॉश ने अपने वनडे करियर का पहला अर्धशतक (67) लगाया। आइए उनकी पारी और आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।
पारी
संघर्षपूर्ण रही ब्रीट्जके की पारी
दक्षिण अफ्रीका ने जब 7 रन के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट खोया, तब मैथ्यू ब्रीट्जके क्रीज पर आए। दाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 55 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने जोरजी के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 66 रन और येंसन के साथ 7वें विकेट के लिए 97 रन जोड़े। वह 80 गेंदों में 72 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 8 चौके और 1 छक्के शामिल रहे।
करियर
शानदार रहा है ब्रीट्जके का युवा वनडे करियर
ब्रीट्जके ने अब तक के वनडे करियर में प्रभावित किया है। उन्होंने 10 मैचों में 68.22 की शानदार औसत से 614 रन बनाए हैं। यह 10 पारियों में उनका छठा 50 से ज्यादा रनों का स्कोर था। इसमें 5 अर्धशतक और एक शतक शामिल है। वह शुरुआती 10 पारियों के बाद तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनसे ज्यादा रन जानेमन मलान (661) और केविन पीटरसन (649) ने बनाए हैं।
पारी
ऐसी रही बॉश की पारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने जब 227 रन के स्कोर पर अपना छठा विकेट खोया, तब बॉश क्रीज पर आए। बॉश ने अपने वनडे करियर का पहला अर्धशतक 40 गेंदों में पूरा किया और टीम को अंत तक मैच में बनाए रखा। उन्होंने 51 गेंदों में 5 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 67 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनके अब 10 वनडे की 8 पारियों में 232 रन हो गए हैं।
लेखा-जोखा
इस तरह से जीती भारतीय टीम
पहले खेलते हुए भारत को यशस्वी जायसवाल (18) के रूप में शुरुआती झटका लगा। इसके बाद रोहित शर्मा (57) और कोहली (135) ने शतकीय साझेदारी की। मध्यक्रम में केएल राहुल (60) ने रविंद्र जडेजा (32 ) के साथ मिलकर टीम को 349/8 के स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में मार्करम (7), रयान रिकेल्टन (0) और क्विंटन डिकॉक (0) जल्दी आउट हुए। इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके (72), मार्को यानसन (77) और कॉर्बिन बॉश (67) ने संघर्ष किया, लेकिन जीत नहीं दिला सके।