भारत बनाम अफगानिस्तान: शुभमन गिल ने बतौर कप्तान जड़ा छठा टेस्ट शतक, ये बनाए रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाफ एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतकीय पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का 11वां और अफगान टीम के खिलाफ पहला ही शतक रहा, जिसे उन्होंने 138 गेंदों में पूरा किया। उनकी पारी से भारतीय टीम बीच में लगे झटकों से उभरकर बड़े स्कोर की ओर अग्रसर हो पाई। दिन का खेल खत्म होने तक वह 103 रन पर नाबद थे।
बल्लेबाजी
कैसी रही गिल की पारी और साझेदारी?
भारत को पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन के कुल स्कोर पर साई सुदर्शन (81) के रूप में दूसरा झटका लग गया था। उसके बाद बल्लेबाजी पर आए गिल ने केएल राहुल (100) के साथ तीसरे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी निभाई और उसके बाद ऋषभ पंत के साथ चौथे विकेट के लिए नाबाद शतकीय साझेदारी निभाते हुए टीम को मजबूती दी। गिल अपनी पारी में अब तक 11 चौके और 1 छक्का जड़ चुके हैं।
उपलब्धि
बतौर कप्तान पूरे किए 1,000 रन
इस मुकाबले में गिल ने खास उपलब्धि भी हासिल की है। अपना अर्धशतक पूरा करने के साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान अपने 1,000 रन भी पूरे कर लिए। उनके भारत कप्तान के तौर पर 9 मैचों की 15 पारियों में 86 से अधिक की औसत से 1,040 से अधिक रन हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा है। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन का रहा है।
रिकॉर्ड
गिल ने समय के हिसाब से बतौर कप्तान सबसे तेज पूरे किए 1,000 रन
गिल समय के हिसाब से बतौर कप्तान सबसे तेज 1,000 रन पूरे करने वाले खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने 15 मई, 2025 को कप्तानी संभाली थी। ऐसे में उन्होंने कप्तान के तौर पर 1,000 रन बनाने में सिर्फ 351 दिन का समय लिया है। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर (405 दिन) को पीछे छोड़ दिया। पारी के हिसाब से वह यह कारनामा करने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय कप्तान हैं। उनसे आगे सिफ सुनील गावस्कर (14 पारी) हैं।
करियर
कैसा रहा है गिल का टेस्ट करियर?
गिल ने अपना पहला टेस्ट मैच साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था। उन्होंने अब तक 41 मुकाबले खेले हैं और इसकी 74 पारियों में 44 से अधिक की औसत के साथ 2,930 से अधिक रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 11 शतक के अलावा 8 अर्धशतक भी निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन का रहा है। वह अपने टेस्ट करियर में 5 बार बिना खाता खोले भी पवेलियन लौटे हैं।