
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने रचा इतिहास, अपने नाम किया कोरिया ओपन का खिताब
क्या है खबर?
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए कोरिया ओपन 2023 में पुरुष युगल का फाइनल मुकाबला जीत लिया है।
उन्होंने दुनिया की नंबर-1 जोड़ी इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद रियान अर्दियांतो को हराया है।
भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 17-21, 21-13, 21-14 से अपने नाम किया।
इससे पहले उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी को सेमीफाइनल मुकाबले में 21-15 और 24-22 से हराया था।
आइए पूरी खबर पर नजर डालते हैं।
जीत
पहली बार किसी भारतीय युगल जोड़ी ने जीता खिताब
भारत की इस जोड़ी ने इस साल तीसरा खिताब अपने नाम किया है।
मैच में टीम की शुरुआत अच्छी नहीं थी। इंडोनेशिया के बैडमिंटन खिलाड़ियों ने 10-4 से बढ़त बना ली थी।
इसके बाद उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए पूरा मैच ही बदल दिया।
कोरिया ओपन में पुरुष युगल की जोड़ी के रूप में पहली बार भारत के लिए सात्विकसाईराज और चिराग ने खिताब जीता है। इससे पहले आज तक किसी युगल भारतीय जोड़ी ने यह टूर्नामेंट नहीं जीता था।
जोड़ी
दोनों खिलाड़ी जीत चुके हैं ये खिताब
दोनों ही खिलाड़ियों ने जोड़ी बनाने के बाद से कमाल का प्रदर्शन किया है। दोनों ने मिलकर राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने थॉमस कप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
विश्व चैंपियनशिप में इन स्टार खिलाड़ियों की जोड़ी ने कांस्य पदक और सुपर 300 (सैयद मोदी और स्विस ओपन), सुपर 500 (थाईलैंड और इंडिया ओपन), सुपर 750 (फ्रेंच ओपन) और इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 में भी शानदार जीत दर्ज की है।
बाहर
स्टार खिलाड़ी पहले ही हो चुके थे टूर्नामेंट से बाहर
पीवी सिंधु, एचएस प्रणय, किदांबी श्रीकांत सहित अन्य भारतीय खिलाड़ी पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे।
सिंधु ने साल 2017 में विमेंस सिंगल्स का खिताब जीता था।
वह कोरिया ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं।
हालांकि, सिंधु 2023 के टूर्नामेंट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं। वह पहले राउंड से हीं बाहर हो गईं थी। श्रीकांत भी पहले राउंड से बाहर हो गए थे।
कमाल
एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में किया था कमाल
साईराज और चिराग की जोड़ी ने पिछले दिनों दुबई में खेले गए एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत को पुरुष युगल में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था।
पहली बार कोई भारतीय जोड़ी चैंपियनशिप के 61 साल के इतिहास में चैंपियन बनी थी।
इस जोड़ी ने भारत को साल 1965 के बाद चैंपियनशिप का दूसरा गोल्ड दिलाया था। इससे पहले, दिनेश खन्ना ने पुरुष सिंगल कैटेगरी में देश को पहला गोल्ड दिला चुके हैं।