
इंडोनेशिया मास्टर्स: सेमीफाइनल में जापानी दिग्गज अकाने यामागुची के खिलाफ हारीं पीवी सिंधु
क्या है खबर?
स्टार भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को इंडोनेशिया मास्टर्स टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में हार मिली है। सिंधु को जापान की दिग्गज खिलाड़ी अकाने यामागुची ने 21-13, 21-9 से हराया है।
टोक्यो ओलंपिक के बाद यह लगातार दूसरा टूर्नामेंट है जिसके फाइनल में सिंधु प्रवेश नहीं कर सकी हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु कभी भी यामागुची को टक्कर नहीं दे सकीं और दोनों सेट में जापानी खिलाड़ी का दबदबा रहा।
पहला सेट
पहले सेट में ही यामागुची ने दिखाया शानदार खेल
मैच शुरु होने के बाद यामागुची ने पहले सेट में 6-1 की बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, सिंधु ने वापसी की और फिर स्कोर 11-7 कर दिया था। इसके बाद यामागुची ने फिर से अंतर को बढ़ाया और स्कोर 15-8 कर लिया।
यामागुची 19-10 से आगे हो चुकी थीं और सिंधु वापसी की कोशिश में लगी थीं। 17 मिनट में यामागुची ने 21-13 से पहला सेट अपने नाम कर लिया था।
दूसरा सेट
दूसरे सेट में भी सिंधु ने किया संघर्ष
पहले सेट की तरह ही यामागुची ने दूसरे सेट की शुरुआत में भी 7-3 की बढ़त हासिल कर ली थी। देखते ही देखते यामागुची की बढ़त 11-5 हो गई थी और मैच सिंधु के हाथ के निकलने लगा था।
इसके बाद जापानी दिग्गज ने स्कोर 18-8 किया और जीत की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए। 15 मिनट में दूसरा सेट 21-9 से जीतकर यामागुची ने मैच अपने नाम किया।
हेड-टू-हेड
यामागुची ने आठवीं बार सिंधु को दी शिकस्त
यामागुची और सिंधु के बीच अब तक 20 मुकाबले हो चुके हैं जिसमें यह आठवां मौका है जब जापानी खिलाड़ी को जीत मिली है। अब तक 12 बार सिंधु ने यामागुची को हराया है।
इन दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछला मुकाबला टोक्यो ओलंपिक में खेला गया था जिसे 21-12, 22-20 से जीतकर सिंधु ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वह मुकाबला उम्मीद के मुताबिक काफी कड़ा रहा था।
प्रदर्शन
पिछले कुछ महीनों में लगातार फाइनल में पहुंचने का मौका गंवा रही हैं सिंधु
इससे पहले अक्टूबर में सिंधु ने फ्रेंच ओपन का सेमीफाइनल भी जापानी खिलाड़ी के खिलाफ ही गंवाया था। दुनिया की 15वीं वरीयता प्राप्त सयाका ताकाहासी ने सिंधु को मात दी थी।
21-18 से पहला सेट जीतने के बाद सिंधु को अगले दो सेट में लगातार 21-16, 21-12 से हार झेलनी पड़ी थी। इससे हफ्ते भर पहले ही उन्हें डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में ही हारकर बाहर होना पड़ा था।