जोश हेजलवुड ऑस्ट्रेलिया के टी-20 विश्व कप अभियान के लिए पूरी तरह तैयार, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
चोट के कारण एशेज सीरीज से बाहर रहे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भरोसा जताया है कि वह अगले महीने होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले पूरी तरह फिट हो जाएंगे। हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन के चलते वह इंग्लैंड सीरीज की शुरुआत से बाहर रहे थे, जबकि रिहैब के दौरान उन्हें फिर समस्या हुई थी। हेजलवुड सीधे विश्व कप खेलते नजर आ सकते हैं, ऐसे में आइए जानते हैं उन्होंने अपनी तैयारी को लेकर क्या कहा है।
बयान
हेजलवुड ने क्या कहा?
हेजलवुड ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "सब कुछ योजना के मुताबिक चल रहा है। जब टेस्ट नहीं खेल पाए तो हमने कुछ अतिरिक्त हफ्ते लिए। पिछले हफ्ते मैंने आधे रन-अप से कुछ ओवर गेंदबाजी की। दौड़ अच्छी चल रही है, स्ट्रेंथ से जुड़ा काम भी सही है, इसलिए सब ट्रैक पर है। कभी-कभी एक समस्या जाती है तो दूसरी उभर आती है, लेकिन टखने की परेशानी पिछले कुछ सालों से मैनेज की जा रही थी, जो फिर से सामने आ गई।"
प्लान
हेजलवुड ने बताई अपनी योजना
हेजलवुड ने आगे कहा कि उनकी ट्रेनिंग के तरीके में थोड़ा बदलाव किया जा रहा है। जिम सेशन और बाकी फिटनेस रूटीन पहले जैसे हैं, लेकिन गेंदबाजी के वर्कलोड को अलग तरह से मैनेज किया जा रहा है। अगले रेड-बॉल मैच को ध्यान में रखते हुए योजना यह है कि वह लगातार 2 या 3 दिन गेंदबाजी करेंगे, फिर चार या 5 दिन का आराम लेंगे। यह प्रक्रिया दोबारा दोहराई जाएगी, ताकि शरीर पर दबाव कम रहे।
तैयारी
हेजलवुड ने टेस्ट और वनडे की तैयारियों में बताया अंतर
हेजलवुड के अनुसार सफेद गेंद की क्रिकेट में तैयारी को लेकर तस्वीर साफ रहती है, क्योंकि पता होता है कि 4 या 10 ओवर ही गेंदबाजी करनी है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट बिल्कुल अलग है। टेस्ट में सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। पहले टेस्ट के लिए योजना बनाई जा सकती है, लेकिन सीरीज शुरू होते ही हालात के हिसाब से फैसला लेना पड़ता हैं। 35 साल के हेजलवुड ने कहा कि वह अभी खुद को युवा महसूस करते हैं।
सीरीज
हेजलवुड की ये हैं अगली प्राथमिकता
टी-20 विश्व कप हेजलवुड की अगली प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ ही वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से भी खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया टीम को 11 महीनों के भीतर अधिकतम 21 टेस्ट मैच खेलने हैं, जिसमें भारत और इंग्लैंड के बड़े विदेशी दौरे शामिल हैं। अगले साल जनवरी में भारत में होने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज तेज गेंदबाजों को आराम देने और रोटेशन का अच्छा अवसर बन सकती है, खासकर तब जब हालात स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल हों।
टी-20
ऐसा रहा है हेजलवुड का टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर
हेजलवुड ने अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2013 में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक 60 मुकाबले खेले हैं और इसकी 59 पारियों में 79 विकेट लेने में सफल रहे हैं। उनकी औसत 21.26 की रही है। उन्होंने 7.47 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है। इस खिलाड़ी ने 4 बार 4 विकेट हॉल अपने नाम किए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 4/12 का रहा है।