
टोक्यो ओलंपिक: दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने जिंदा रखी क्वार्टर-फाइनल की उम्मीदें
क्या है खबर?
भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक के अपने आखिरी पूल गेम में दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया है। इस जीत के साथ उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जाने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। भारत के लिए वंदना कटारिया ने सबसे अधिक तीन गोल दागे।
दक्षिण अफ्रीकी टीम अपने पांचों मैच गंवाने के साथ ही क्वार्टर फाइनल की रेस से बाहर हो गई है।
आइए जानते हैं कैसा रहा मुकाबला।
पहला क्वार्टर
चौथे मिनट में ही भारत ने दागा पहला गोल
मैच के पहले दो मिनट में ही भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले थे, लेकिन वे गोल नहीं दाग सकी। लगातार आक्रमण का फायदा भारतीय महिलाओं को चौथे मिनट में मिला। लंबे आक्रमण के बाद वंदना कटारिया के टच को दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर और डिफेंडर्स गोलपोस्ट में जाने से नहीं रोक सके।
क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले लंबी दूरी से लिए गए शॉट को डिफलेक्ट करके दक्षिण अफ्रीका ने स्कोर बराबर कर लिया।
दूसरा क्वार्टर
दूसरे क्वार्टर में भी बराबरी पर रहा खेल
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत ने दूसरा गोल दागा और 2-1 की बढ़त ली। पहले क्वार्टर की तरह इस बार भी वंदना ने डिफ्लेक्शन के जरिए गोल दागा। पूरे क्वार्टर में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा और लगातार आक्रमण करती रहीं।
हालांकि, क्वार्टर समाप्त होने से 21 सेकेंड पहले दक्षिण अफ्रीका ने एक बार फिर स्कोर बराबर कर लिया था। इस बार हंटर ने उन्हें यह गोल दिलाया था।
तीसरा और चौथा क्वार्टर
ऐसे रहे अंतिम दो क्वार्टर
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में एक बार फिर भारत ने बढ़त हासिल की और इस बार नेहा ने उनके लिए यह गोल किया। सात मिनट बाद ही दक्षिण अफ्रीका ने एक बार फिर स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया।
चौथे क्वार्टर में चार मिनट का खेल हुआ था और भारत को एक बार फिर बढ़त मिल गई। पेनल्टी कॉर्नर को डिफलेक्ट करके वंदना ने अपनी हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-3 से आगे भी किया।
क्वार्टर फाइनल
इस तरह क्वार्टर फाइनल में जा सकती है भारतीय टीम
पांच मैचों में दो जीत के साथ भारतीय टीम पूल A में चौथे स्थान पर है। क्वार्टर फाइनल में जाने के लिए उन्हें अब आयरलैंड की हार की उम्मीद करनी होगी। आयरलैंड के चार मैचों में तीन अंक हैं।
फिलहाल भारत का गोल अंतर -7 है तो वहीं आयरलैंड का -5 है। यदि आयरलैंड अंतिम मैच जीतती है और गोल अंतर बरकरार रखने में कामयाब रहती है तो भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।