
बॉक्सिंग डे टेस्ट: दूसरे दिन के महत्वपूर्ण पल, जिन्होंने मैच में डाल दिया रोमांच
क्या है खबर?
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 7 विकेट पर 443 रन बनाकर घोषित की।
इसके बाद पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में बिना विकेट खोए 8 रन बना लिए हैं।
भारत के लिए पुजारा ने शानदार शतकीय पारी खेली, वहीं कप्तान कोहली और रोहित शर्मा ने भी अर्धशतकीय पारियां खेली।
आइये एक नज़र डालते हैं कि तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन क्या महत्वपूर्ण पल रहे।
पुजारा
चेतेश्वर पुजारा का शानदार शतक
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज़ में शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले पुजारा ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए तीसरे टेस्ट में शानदार शतक बनाकर भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
पुजारा ने 114वें ओवर में लॉयन की गेंद पर चौका लगाकर टेस्ट क्रिकेट में अपना 17वां शतक पूरा किया।
इसके साथ ही पुजारा ने शतकों के मामले में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ दिया है। गांगुली के नाम टेस्ट में 16 शतक हैं।
विराट कोहली
कोहली की कप्तानी पारी
विराट कोहली बॉक्सिंग डे टेस्ट पर भले ही शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने द्रविड़ का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
कोहली 82 रन बनाकर स्टार्क की गेंद पर आउट हुए। इसके साथ ही कोहली भारत के लिए विदेश में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं।
कोहली ने इस साल विदेशों में 1,138 रन बनाएं। इसके साथ ही उन्होंने द्रविड़ के 2002 में बनाएं 1,137 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
रोहित-पंत
रोहित और पंत की उपयोगी पारी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन रोहित शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने उपयोगी पारियां खेलकर भारत को 400 के पार पहुंचा दिया।
रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 10वां अर्धशतक पूरा किया और साथ ही पंत के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 76 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
रोहित ने नाबाद 63 और पंत ने 39 रनों की अहम पारी खेली। हालांकि दोनों को एक-एक जीवनदान भी मिला था।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी
थके हुए नज़र आए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़
बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ काफी थके नज़र आए। भारत की डिफेंसिव खेलने की रणनीति के आगे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ विकेट लेने के लिए तरसते रहे।
दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ पांच भारतीय बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजने में कामयाब हुए।
इससे पहले पुजारा और कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 170 रनों की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों का मनोबल तोड़ दिया।
इस सीरीज़ के सबसे कामयाब गेंदबाज़ लॉयन को उनके 40वें ओवर में पहली सफलता मिली।