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टी-20 विश्व कप में भारत की पहली ऐतिहासिक जीत का सफर, जिसने नया अध्याय लिखा
भारत ने साल 2007 का विश्वकप अपने नाम किया था (तस्वीर: एक्स/@ICC)

टी-20 विश्व कप में भारत की पहली ऐतिहासिक जीत का सफर, जिसने नया अध्याय लिखा

Feb 01, 2026
04:04 pm

क्या है खबर?

साल 2007 का टी-20 विश्व कप भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और ऐतिहासिक जीत का रोमांचक सफर था। युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने शुरुआती मैचों से लेकर फाइनल तक हर मुकाबले में जुझारूपन दिखाया और दुनिया को चौंका दिया। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने पहला टी-20 विश्व कप जीता था। ऐसे में आइए उस विश्व कप में भारत के सफर और आंकड़ो पर एक नजर डालते हैं।

सफर

ऐसा रहा था भारत का फाइनल तक का सफर 

भारत को पहला मुकाबला स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ खेलना था। ये मुकाबला रद्द हो गया था। पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच टाई रहा, जिसे भारतीय टीम ने बॉल आउट से जीता था। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबले में टीम को 10 रन से हार मिली थी। इसके बाद भारत ने इंग्लैंड को 18 रन और दक्षिण अफ्रीका को 37 रन से हराया। सेमीफाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन से शानदार जीत मिली थी।

फाइनल

फाइनल में ऐसे मिली थी भारतीय टीम को जीत 

पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय टीम ने 157/5 का स्कोर बनाया था। गौतम गंभीर ने 75 रन की पारी खेली थी। रोहित शर्मा ने सिर्फ 16 गेंदों में 30 रन बना दिए थे। जवाब में पाकिस्तान 152 रन पर ऑलआउट हो गई। मिस्बाह उल हक (43 रन) ने आखिरी तक संघर्ष किया, लेकिन पाकिस्तान को जीत नहीं दिला पाए। इरफान पठान और आरपी सिंह ने 3-3 विकेट लिए थे। जोगिंदर शर्मा ने 2 विकेट चटकाए थे।

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रन

इन बल्लेबाजों ने भारत के लिए बनाए थे सबसे ज्यादा रन 

भारत के लिए उस विश्व कप में सबसे ज्यादा रन गंभीर ने बनाए थे। उनके बल्ले से 6 पारियों में 37.83 की औसत और 129.71 की स्ट्राइक रेट से 227 रन निकले थे। धोनी ने 6 पारियों में 30.80 की औसत और 128.33 की स्ट्राइक रेट से 154 रन बनाए थे। युवराज सिंह ने 6 मैचों की 5 पारियों में 194.74 की स्ट्राइक रेट और 29.60 की औसत से 148 रन बना दिए थे। उन्होंने 12 छक्के जड़े थे।

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विकेट

इन भारतीय गेंदबाजों ने चटकाए थे सबसे ज्यादा विकेट 

आर पी ने 2007 के विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे। उन्होंने 7 मैचों में 12.67 की औसत के साथ 12 विकेट चटकाए थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 4 ओवर में सिर्फ 13 रन खर्च करते हुए 4 विकेट लिए थे। यह उस विश्व कप का दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन था। इरफान ने 7 मैचों में 14.90 की औसत से 10 विकेट चटकाए थे। वह फाइनल मुकाबले में 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी थे।

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