दलीप ट्रॉफी 2026: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने जीता खिताब, बनाए ये रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने अपने नाम किया। ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी के आधार पर बढ़त बनाई थी, जिसके चलते उन्हें खिताबी जीत मिली। चेपॉक स्टेडियम में खेला गया ये फाइनल मैच आखिरकार ड्रॉ पर समाप्त हुआ। बता दें कि ईस्ट जॉन ने 2012-13 के बाद ये प्रतिष्ठित खिताब जीता है। आइए मैच में बने रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं।
फाइनल
इस तरह से रहा फाइनल मुकाबला
दलीप ट्रॉफी फाइनल 2026 में ईस्ट जोन ने कप्तान किशन के दोहरे शतक (270) और कुमार कुशाग्र के शतक (101) की मदद से 708 रन का स्कोर बनाया।
जवाब में तिलक वर्मा के 99 रन की पारी के बावजूद साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई।
पहली पारी के आधार पर 372 रन से बढ़त बनाने वाली ईस्ट जोन ने दूसरी पारी 388/7 पर घोषित की और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
किशन
दलीप ट्रॉफी फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर वाले कप्तान बने किशन
किशन इस पारी के बाद अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
इसी तरह वह इस ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक जड़ने वाले दूसरे कप्तान भी बने हैं।
उन्होंने इस मामले में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज अंशुमन गायकवाड़ को पछाड़ दिया है।
गायकवाड़ ने साल 1987 में दलीप ट्रॉफी फाइनल में वेस्ट जोन की ओर से बतौर कप्तान 216 रन की दोहरी शतकीय पारी खेली थी।
अन्य रिकॉर्ड्स
ईशान किशन ने बनाए ये अन्य रिकॉर्ड्स
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास में ईस्ट जोन के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। सूची में पहले पायदान पर पूर्व बल्लेबाज अरुण लाल (287 बनाम वेस्ट जोन, 1986) हैं।
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास के फाइनल में दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है।
इस सूची में पूर्व बल्लेबाज रमन लांबा पहले पायदान पर हैं, जिन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन की पारी खेली थी।
जानकारी
तीसरी बार विजेता बनी ईस्ट जोन की टीम
ईस्ट जोन ने कुल तीसरी बार दलीप ट्रॉफी का खिताब जीता है। इससे पहले 2011-12, और 2012-13 में ईस्ट जोन की टीम विजेता बनी थी।
कप्तानी
ईशान किशन ने कप्तानी में किया है कमाल
बतौर कप्तान किशन अब तक एक भी प्रथम श्रेणी मैच नहीं हारे हैं।
इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 16 प्रथम श्रेणी मैचों में टीमों की कप्तानी की है, जिसमें से 8 में उनकी टीम जीती हैं और 8 मैच ड्रॉ रहे हैं।
इसके साथ-साथ यह किशन की कप्तानी में दूसरा बड़ा घरेलू खिताब है। उनके नेतृत्व में झारखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीत चुकी है।
तिलक
साउथ जोन के कप्तान तिलक ने भी किया उम्दा प्रदर्शन
फाइनल में तिलक 211 गेंदों में 99 रन बनाकर आउट हुए और उन्होंने अपनी पारी में उन्होंने 9 चौके लगाए।
उन्होंने मिलिंद (43) के साथ मिलकर 78 रन की साझेदारी की।
वह अपने प्रथम श्रेणी करियर में 9वें शतक से चूक गए। वह इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और मौजूदा टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार तीसरी पारी में 50+ रन बनाए हैं।
इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने 116* और 51* रन के स्कोर किए थे।
जानकारी
कौनैन कुरैशी ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया
ईस्ट जोन की दूसरी पारी के दौरान कौनैन कुरैशी ने 190 गेंदों में नाबाद 116 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक साबित हुआ।