ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर वाले कप्तान बने, इस दिग्गज को पछाड़ा
क्या है खबर?
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक (270) जड़ा। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का 10वां शतक होने के साथ दूसरा दोहरा शतक भी रहा, जिसे उन्होंने 270 गेंदों में पूरा किया। हालांकि, वह 250 रन बनाने के बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। उनकी पारी से ईस्ट जोन की टीम दूसरे दिन स्कोर को 700 के पार पहुंचाने में सफल रही है।
बल्लेबाजी
कैसी रही किशन की पारी और साझेदारी?
ईस्ट जोन को 147 रन के कुल स्कोर पर तीसरा झटका लगाने के बाद किशन क्रीज पर आए थे।
उन्होंने चौथे विकेट के लिए शिखर मोहन (85) के साथ 94 रन की साझेदारी कर शतक पूरा किया।
उन्होंने 5वें विकेट के लिए कुमार कुशाग्र (101) के साथ 230 रन और अनुकूल रॉय के साथ 140 रन की साझेदारी निभाते हुए दोहरा शतक पूरा किया।
वह 334 गेंदों में 30 चौके और 7 छक्कों से 270 रन बनाकर आउट हुए।
रिकॉर्ड्स
दलीप ट्रॉफी फाइनल में बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन इस पारी के बाद अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
इसी तरह वह इस ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक जड़ने वाले दूसरे कप्तान भी बने हैं।
उन्होंने इस मामले में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज अंशुमन गायकवाड़ को पछाड़ दिया है।
उन्होंने साल 1987 में दलीप ट्रॉफी फाइनल में वेस्ट जोन की ओर से बतौर कप्तान 216 रन की दोहरी शतकीय पारी खेली थी।
जानकारी
ईस्ट जोन के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास में ईस्ट जोन के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। सूची में पहले पायदान पर पूर्व बल्लेबाज अरुण लाल (287 बनाम वेस्ट जोन, 1986) और तीसरे नंबर पर सबा करीम (200* बनाम वेस्ट जोन, 1995) हैं।
उपलब्धि
दलीप ट्रॉफी फाइनल का दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास के फाइनल में दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है।
इस सूची में पूर्व बल्लेबाज रमन लांबा पहले पायदान पर हैं, जिन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन की पारी खेली थी।
सूची में यशस्वी जायसवाल (265 बनाम साउथ जोन, 2022) तीसरे और चेतेश्वर पुजारा (256* बनाम इंडिया रेड, 2016) चौथे पायदान पर हैं। अब किशन भी सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं।
उपलब्धि
दलीप ट्रॉफी इतिहास में 8वां सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन की पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास में अब 8वें सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रूप में दर्ज हो गई है।
सूची में लांबा (320 बनाम वेस्ट जोन, 1987) पहले, गगन खोड़ा (300* बनाम साउथ जोन, 2001) दूसरे, सुरेंद्र भावे (292 बनाम साउथ जोन, 1994) तीसरे, अरुण लाल (287 बनाम वेस्ट जोन, 1986) चौथे, संजय मांजरेकर (278 बनाम सेंट्रल जोन, 1987) 5वें, लालचंद राजपूत (275 बनाम सेंट्रल जोन, 1987) छठे और वीरेंद्र सहवाग (274 बनाम साउथ जोन, 1999) 7वें नंबर पर हैं।
आंकड़े
ऐसा है किशन का प्रथम श्रेणी करियर
किशन ने अब तक 67 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिसकी 109 पारियों में 41 से अधिक की औसत के साथ 4,222 रन बना चुके हैं।
इस बीच उन्होंने 10 शतक के अलावा 19 अर्धशतक अपने नाम किए हैं। इस प्रारूप में उनका सर्वोच्च स्कोर 273 रन रहा है।
वह घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने 2014 में रणजी ट्रॉफी में असम के खिलाफ अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की थी।
जानकारी
किशन ने भारत से खेले हैं 2 टेस्ट
किशन को अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम से केवल 2 ही टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है, जिसकी 3 पारियों में उन्होंने कुल 78 रन बनाए हैं। उन्होंने 2023 में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था।
सफलता
ईस्ट जोन ने खड़ा किया बड़ा स्कोर
मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम ने अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया है। टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर 708/10 का स्कोर बना लिया था।
तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन की टीम मैच में संघर्ष करती नजर आई है। त्रिपुरण विजय ने 42 ओवर में 180 रन देकर सर्वाधिक 4 विकेट लिए।
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज 21 ओवरों में 118 से अधिक रन लुटाकर भी कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।