भारतीय कंपनी की दवा एंटीबायोटिक जेनिच को मिली FDA से मंजूरी
फार्मा कंपनी वोकहार्ट ने अपनी नई एंटीबायोटिक जेनिच के लिए अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) से मंजूरी हासिल कर ली है।
यह पहला मौका है, जब किसी भारतीय कंपनी ने इस तरह की उपलब्धि अपने नाम की है।
जायनिच उन बहुत मुश्किल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) से निपटने में कारगर है, जो ऐसे बैक्टीरिया के कारण होते हैं, जिन पर सामान्य दवाओं का कोई असर नहीं होता। यह दवा ऐसे समय में आई है, जब दुनियाभर में दवाओं के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता की वजह से संक्रमणों का इलाज करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
ट्रायल्स में जेनिच सुरक्षित और असरदार पाई गई
इस दवा को बनाने में 17 साल का लंबा समय और 200 शोधकर्ताओं की कड़ी मेहनत लगी है। दुनियाभर में हुए परीक्षणों से साबित हुआ है कि यह सुरक्षित होने के साथ-साथ काफी असरदार भी है।
भारत में UTI बहुत सामान्य समस्या है, जिसके हर साल करीब 30 लाख नए मामले सामने आते हैं। इनमें से लगभग एक चौथाई मामले ऐसे होते हैं, जिन पर आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं का कोई असर नहीं होता।
किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली पुरानी दवा कोलिस्टिन के मुकाबले जेनिच कहीं ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है। यह दवा केवल अस्पतालों में ही उपलब्ध होगी।
अमेरिका के मुकाबले भारत में इसकी कीमत काफी कम होगी। यह लगभग 75 से 80 फीसदी तक सस्ती मिलेगी। भविष्य में यह दुनियाभर में फैलने वाले जानलेवा संक्रमणों से लड़ने में भी एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।