
गूगल से जुड़े विंडसर्फ के शीर्ष अधिकारी, OpenAI की अधिग्रहण योजना विफल
क्या है खबर?
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोड जनरेशन स्टार्टअप विंडसर्फ के कई प्रमुख कर्मचारियों को नियुक्त किया है। यह कदम उसके प्रतिद्वंद्वी OpenAI की ओर से इस स्टार्टअप का अधिग्रहण करने के प्रयास के बाद उठाया गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि विंडसर्फ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) वरुण मोहन, सह-संस्थापक डगलस चेन और कोडिंग टूल की अनुसंधान एवं विकास टीम के चुनिंदा सदस्य गूगल के डीपमाइंड AI डिवीजन में शामिल होंगे।
सौदा
क्या हुआ है दोनों कंपनियों के बीच सौदा?
द वर्ज की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल विंडसर्फ में कोई हिस्सेदारी नहीं ले रहा है और कंपनी पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होगा। इस सौदे के तहत गूगल के पास विंडसर्फ की कुछ तकनीकों का लाइसेंस होगा, लेकिन स्टार्टअप अपनी तकनीक को दूसरों को लाइसेंस देने के लिए स्वतंत्र रहेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल विंडसर्फ की तकनीक के लाइसेंस और उसके शीर्ष कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए 2.4 अरब डॉलर (206 अरब रुपये) का भुगतान कर रही है।
विफल
OpenAI की योजना हुई विफल
विंडसर्फ की टीम गूगल डीपमाइंड में एजेंटिक कोडिंग पहल पर ध्यान केंद्रित करेगी और मुख्य रूप से जेमिनी प्राेजेक्ट पर काम करेगी। गूगल के इस प्रयास के कारण OpenAI का AI कोडिंग स्टार्टअप विंडसर्फ को 3 अरब डॉलर (258 अरब रुपये) में खरीदने का सौदा टूट गया, जिसको लेकर वह बातचीत कर रही थी। बता दें, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और मेटा सहित बड़ी टेक कम्पनियां भी इसी तरह बिना किसी कंपनी का अधिग्रहण किए उसके कर्मचारियों को शामिल कर चुकी हैं।