एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग क्यों चाहते हैं कि अमेरिका अपनाए चीन के AI मॉडल्स?
क्या है खबर?
एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि अमेरिका को चीन के ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल से डरने की जरूरत नहीं है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग का कहना है कि ऐसे मॉडल AI तकनीक को तेजी से अपनाने में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी AI कंपनियां अमेरिकी कंपनियों का कारोबार खत्म नहीं कर सकतीं। इसलिए प्रतिस्पर्धा से घबराने के बजाय नई तकनीक का सही तरीके से उपयोग करना अधिक जरूरी है।
वजह
क्यों अपनाने की सलाह दे रहे हैं हुआंग?
हुआंग का मानना है कि अच्छे ओपन-सोर्स AI मॉडल पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद होते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल अधिक लोगों तक AI तकनीक पहुंचाते हैं, जिससे पूरे बाजार का विस्तार होता है। उनके अनुसार, मुफ्त AI मॉडल जितने ज्यादा इस्तेमाल होंगे, उतनी ही चिप्स, डाटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी।
इससे AI उद्योग के साथ हार्डवेयर कारोबार को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
AI मॉडल
ओपन AI मॉडल को बताया ज्यादा सुरक्षित
हुआंग ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ओपन AI मॉडल पर रोक लगाना सही तरीका नहीं है।
उनका मानना है कि खुले मॉडल की जांच ज्यादा लोग कर सकते हैं, जिससे उनकी कमजोरियों की पहचान करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी एक मॉडल पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय कई मजबूत विकल्प होना बेहतर है।
इससे AI सिस्टम पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकते हैं।
अन्य
चीनी कंपनियां तेजी से बढ़ा रहीं अपनी ताकत
हाल ही में चीन की AI कंपनी मूनशॉट ने किमी K3 नाम का नया ओपन AI मॉडल पेश किया है।
कंपनी का दावा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े ओपन-वेट AI मॉडलों में शामिल है और इसकी क्षमता कई अमेरिकी मॉडलों के बराबर है।
इसके अलावा, चीन की दूसरी कंपनियां भी कम लागत में शक्तिशाली AI मॉडल तैयार कर रही हैं, जिससे वैश्विक AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है।