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क्यों ISRO के कई बड़े मिशन मार्च में नहीं हो सके लॉन्च?
मार्च, 2026 तक सात बड़े मिशन पूरे करने की योजना थी

क्यों ISRO के कई बड़े मिशन मार्च में नहीं हो सके लॉन्च?

Apr 03, 2026
06:47 pm

क्या है खबर?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने कई अहम मिशनों को तय समय पर पूरा नहीं कर पाई है। मार्च, 2026 तक सात बड़े मिशन पूरे करने की योजना थी, लेकिन अब तक सिर्फ एक मिशन LVM3 M6 सफल हो सका है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पहले इसकी जानकारी दी थी। इस देरी से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की गति पर असर पड़ा है और कई योजनाएं फिलहाल पीछे चली गई हैं।

मिशन

कौन-कौन से मिशन तय समय पर लॉन्च नहीं हुए?

रिपोर्ट के मुताबिक, ISRO के छह बड़े मिशन समय पर लॉन्च नहीं हो पाए हैं। इनमें PSLV C62/EOS-N1, HLVM3-G1/OM1 (गगनयान टेस्ट फ्लाइट), GSLV-F17/EOS-05, PSLV C63/TDS-01, PSLV-N1/EOS-10 और SSLV-L1/NSIL जैसे मिशन शामिल हैं। ये सभी मिशन 2026 के पहले तीन महीनों में पूरे होने थे। खासकर गगनयान मिशन से जुड़ा मिशन काफी अहम माना जा रहा है, जिसकी देरी से पूरे कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है और आगे की टाइमलाइन भी बदल सकती है।

वजह

देरी की वजह और तकनीकी चुनौतियां सामने आईं

इन मिशनों में देरी की मुख्य वजह तकनीकी समस्याएं और सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें बताई जा रही हैं। कुछ मामलों में रॉकेट अपनी तय कक्षा तक नहीं पहुंच सके, जबकि कुछ मिशनों की तैयारी पूरी नहीं हो पाई। इसके अलावा, भारत के नेविगेशन सिस्टम NavIC में भी समस्या आई है, जहां कई सैटेलाइट की एटॉमिक क्लॉक काम करना बंद कर चुकी है। इससे सिस्टम की क्षमता पर असर पड़ा है और सुधार की जरूरत बढ़ गई है।

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उपलब्धियां

अन्य उपलब्धियां और भविष्य की चिंताएं

देरी के बावजूद ISRO ने कुछ अहम टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जैसे CE20 क्रायोजेनिक इंजन का हॉट टेस्ट। इसके अलावा, यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के साथ समझौता भी किया गया है। वहीं, संसद की एक कमिटी ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की कम कीमतों पर चिंता जताई है। कमिटी का मानना है कि इससे प्राइवेट कंपनियों को ज्यादा फायदा मिल रहा है और सरकारी संस्थानों को कम लाभ मिल रहा है, जिसे सुधारने की जरूरत बताई गई है।

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