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क्या है ट्रंप की सुपर इंटेलिजेंस फोर्स? जानिए AI को लेकर क्यों बनाई गई यह टीम
AI पर ट्रंप ने बनाई नई टास्कफोर्स

क्या है ट्रंप की सुपर इंटेलिजेंस फोर्स? जानिए AI को लेकर क्यों बनाई गई यह टीम

Oct 05, 2026
11:34 am

क्या है खबर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करने के लिए नई टास्कफोर्स बनाने की घोषणा की है। इसका नाम 'सुपर इंटेलिजेंस फोर्स' रखा गया है। इसकी जिम्मेदारी नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन को दी गई है। ट्रंप ने कहा कि यह टीम अमेरिका को AI तकनीक में आगे रखने के लिए काम करेगी। नई टीम सरकार और आम लोगों के बीच AI से जुड़ी बातचीत बेहतर बनाने में भी मदद करेगी।

टीम

क्या है ट्रंप की 'सुपर इंटेलिजेंस फोर्स'?

ट्रंप के मुताबिक, इस फोर्स में सरकार के कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे।

फेडरल ट्रेड कमीशन के चेयर एंड्रयू फर्ग्यूसन, रक्षा विभाग के अधिकारी एमिल माइकल और ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट के डायरेक्टर स्कॉट कुपोर भी इसका हिस्सा होंगे।

यह टीम सीधे ट्रंप और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स को रिपोर्ट करेगी। इसका गठन ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका में AI के नियमों को लेकर बहस चल रही है।

वजह

क्यों बनाई गई यह टीम?

इस फोर्स का काम सरकार और AI से जुड़े लोगों के बीच बातचीत कराना होगा।

यह उपभोक्ताओं, जनहित समूहों, धार्मिक संगठनों, जरूरी सेवाओं से जुड़े संस्थानों और AI कंपनियों से बातचीत करेगी। इससे सरकार को AI से मिलने वाले फायदे और उससे होने वाले खतरों को समझने में मदद मिलेगी।

जे क्लेटन पहले कह चुके हैं कि जब किसी चीज में मौका और खतरा दोनों हों, तो उसे संभालना बेहतर होता है।

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बहस

AI के नियमों पर भी चल रही बहस

टास्कफोर्स की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी AI कंपनियां नियमों को लेकर अपनी राय रख रही हैं।

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल में कहा था कि AI से मिलने वाले फायदे कुछ जोखिमों को स्वीकार करने की वजह बन सकते हैं।

वहीं, ट्रंप ने AI पर ज्यादा कड़ी निगरानी की मांग को खारिज किया है और कंपनियों को खुद नियम तय करने का समर्थन किया है।

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सुपर इंटेलिजेंस

AI की जगह इस्तेमाल होगा सुपर इंटेलिजेंस

ट्रंप ने 29 सितंबर को सरकारी विभागों में AI की जगह सुपर इंटेलिजेंस या SI शब्द इस्तेमाल करने का आदेश दिया था।

कुछ विशेषज्ञों ने इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुपर इंटेलिजेंस शब्द से लोगों को भ्रम हो सकता है।

वहीं, एलन मस्क ने अपने AI प्लेटफॉर्म स्पेस-XAI का नाम बदलकर स्पेस-XSI करने की बात कही है। मस्क पहले ट्रंप प्रशासन में काम कर चुके हैं।

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