बेंगलुरु के स्टार्टअप ने बिना रेयर अर्थ मैग्नेट के बनाई इलेक्ट्रिक मोटर
बेंगलुरु का एक स्टार्टअप विमैग लैब्स इलेक्ट्रिक मोटर के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। यह कंपनी महंगी और आमतौर पर चीन से मिलने वाली रेयर अर्थ मैग्नेट का इस्तेमाल नहीं कर रही है, बल्कि कॉपर कॉइल्स का उपयोग कर रही है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सह संस्थापक मनीष सेठ को यह विचार महामारी के दौरान आया। उस समय उनकी कंपनी को मैग्नेट की आपूर्ति कई महीनों तक नहीं मिल पाई थी, जिससे उन्हें एक नया समाधान तलाशना पड़ा।
उनके मोटर में स्मार्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है, जो डायनामिक मैग्नेटिक फील्ड तैयार करता है। इसी वजह से उनका प्रदर्शन शानदार रहता है और मुश्किल आयातों पर निर्भरता भी खत्म हो जाती है।
कंपनी ने हासिल किए 5 पेटेंट
विमैग के नए मोटर को वर्तमान में भारत के बड़े इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता और लग्जरी कार ब्रांड के साथ-साथ कुछ यूरोपीय आपूर्तिकर्ता भी टेस्ट कर रहे हैं।
5 पेटेंट हासिल करने के बाद अब कॉपर, स्टील और सामान्य इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिए भारत में ही इनका पूरा उत्पादन संभव है। यह कदम भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रहा है।
कंपनी का लक्ष्य इस साल के अंत तक 1,000 से 10,000 यूनिट्स की आपूर्ति करना है, ताकि रेयर अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां पूरी तरह से खत्म हो सकें।