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AI और डीपफेक का सहारा लेकर राजनीतिक छवि गढ़ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप
AI और डीपफेक का सहारा लेकर राजनीतिक छवि गढ़ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

AI और डीपफेक का सहारा लेकर राजनीतिक छवि गढ़ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

Jan 15, 2026
05:43 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग अब बढ़-चढ़कर राजनीति में भी हो रहा है। इस तकनीक के जरिए नेता अपनी छवि गढ़ने और संदेश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका एक बड़ा उदाहरण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने AI से बनी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर खुलकर इस्तेमाल किया है। इन विजुअल्स के जरिए वे खुद को ताकतवर, लोकप्रिय और आलोचकों से ऊपर दिखाने की कोशिश करते नजर आते हैं।

AI

कब और कैसे AI तस्वीरों का सहारा लिया?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई AI से बनी तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें कभी वेओवल ऑफिस में फुटबॉल खेलते दिखते हैं, तो कभी मशहूर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ नजर आते हैं। कुछ तस्वीरों में उन्हें शानदार रिसॉर्ट में आराम करते हुए दिखाया गया, जिनका असलियत से कोई सीधा संबंध नहीं था। ये पोस्ट ज्यादातर मजाक, तारीफ और ध्यान खींचने के मकसद से किए गए।

रणनीति

आलोचकों पर निशाना और संदेश की रणनीति  

AI से बनी इमेजरी का इस्तेमाल ट्रंप ने अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए भी किया। एक मामले में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की एक AI वीडियो पोस्ट की, जिसमें उन्हें गिरफ्तार होते दिखाया गया था। ऐसी सामग्री का मकसद आलोचकों को उकसाना और अपने समर्थकों को एकजुट करना माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI के जरिए जटिल राजनीतिक मुद्दों को सरल, लेकिन भ्रामक रूप में पेश किया जा सकता है।

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चिंता

डीपफेक पर बढ़ती चिंता

AI और डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने नई चिंताएं भी खड़ी कर दी हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे सच और झूठ के बीच फर्क करना आम लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। ट्रंप के मामले में, AI इमेजरी को मनोरंजन और प्रचार दोनों के लिए इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह की तकनीक लोकतांत्रिक चर्चा को नुकसान पहुंचा सकती है और गलत जानकारी तेज फैलाने का जरिया बन सकती है।

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