अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले के लिए एंथ्रोपिक क्लाउड का किया इस्तेमाल- रिपोर्ट
क्या है खबर?
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़े हवाई हमले में स्टार्टअप एंथ्रोपिक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर का उपयोग किया था। यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघीय एजेंसियों को कंपनी के AI सिस्टम का उपयोग बंद करने का निर्देश देने के कुछ घंटों बाद हुआ। सूत्रों ने बताया कि मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड सहित दुनियाभर की कमानें, खुफिया आकलन, लक्ष्यों की पहचान और युद्धक्षेत्र परिदृश्यों के अनुकरण जैसे कार्यों के लिए इसके टूल का उपयोग करती हैं।
उपयोग
क्लाउड का पहले भी हो चुका है उपयोग
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस तरह के उच्च जोखिम वाले मिशनों में क्लाउड का उपयोग इस बात को उजागर करता है कि यह मॉडल पहले से ही अमेरिकी सैन्य अभियानों में शामिल है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए भी इसका उपयोग किया गया। दूसरी तरफ एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच संबंध तेजी से बिगड़ गए हैं। यह गतिरोध दोनों के बीच AI मॉडल के उपयोग की शर्तों को लेकर चल रहे मतभेद से उपजा है।
कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ने दिखाई सख्ती
पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक के साथ काम बंद करने का आदेश दिया। इसने पेंटागन को कंपनी को सुरक्षा खतरा और रक्षा सप्लाई चेन के लिए जोखिम घोषित करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्देश अनुबंध वार्ता के बाद आया, जिसमें एंथ्रोपिक ने पेंटागन को क्लाउड का उपयोग उन सभी कानूनी स्थितियों में करने का अधिकार देने से इनकार कर दिया, जिनकी पेंटागन को आवश्यकता हो सकती है।
विकल्प
पेंटागन तलाश रही दूसरे विकल्प
इस विवाद के चलते रक्षा विभाग को अन्य डेवलपर्स से AI टूल्स के लिए वैकल्पिक अनुबंध हासिल करने पड़े हैं। पेंटागन ने गोपनीय कार्यों के लिए OpenAI के ChatGPT और एलन मस्क के xAI मॉडल बनाने वालों के साथ समझौते किए हैं। सैन्य अधिकारियों और AI विशेषज्ञों का कहना है कि सभी सिस्टम्स में क्लाउड को पूरी तरह से बदलने में महीनों लग सकते हैं। इसी कारण ईरान के खिलाफ हमलों में एंथ्रोपिक के ही टूल का इस्तेमाल किया गया।