अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने की भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सराहना
क्या है खबर?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) काफी तेजी से अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे निकल रहा है। ISRO की सफलता से अब भारत की सराहना विदेशों में भी हो रही है। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य रिच मैककॉर्मिक ने चंद्रयान-3 मिशन की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने हैरानी जताई कि भारत ने सिर्फ 8 करोड़ डॉलर से कम बजट में चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग कर दिखाई, जो बड़ी अंतरिक्ष शक्तियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
खर्च
कम खर्च में चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक उड़ान
CSIS में भारत-अमेरिका साझेदारी से जुड़े एक कार्यक्रम में मैककॉर्मिक ने कहा कि भारत ने 8 करोड़ डॉलर से भी कम में चांद पर स्पेसशिप उतार दी। उन्होंने कहा कि यह 80 अरब डॉलर नहीं बल्कि सिर्फ 8 करोड़ डॉलर है। ISRO ने चंद्रयान-3 को करीब 615 करोड़ रुपये की लागत से लॉन्च किया था। इस मिशन को खास तौर पर चंद्रमा पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग दिखाने के लिए तैयार किया गया था।
लक्ष्य
दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बना भारत
चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरे। इसके साथ ही भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश भी बनाता है। इस सफलता ने दिखा दिया कि भारत सीमित संसाधनों में भी बड़े और जटिल अंतरिक्ष मिशन पूरे करने में सक्षम है।
सराहना
प्रधानमंत्री मोदी और भारत की नीति की भी सराहना
मैककॉर्मिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और उन्हें अच्छे अर्थों में बेहद राष्ट्रवादी बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश के हित को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने का भी समर्थन किया। इसके साथ ही, भारत और पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा कि भारत न सिर्फ विदेशी निवेश आकर्षित करता है, बल्कि अमेरिका में भी निवेश करता है, जो उसकी आर्थिक मजबूती दिखाता है।