साइबर अपराध की शिकायत से UPI ID हो गई ब्लॉक? जानिए कैसे करें रिकवर
क्या है खबर?
भारत में UPI तेजी से सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिजिटल भुगतान तरीका बन चुका है। लोग छोटी से बड़ी रकम तुरंत भेजने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी और संदिग्ध ट्रांजैक्शन के मामले भी बढ़ रहे हैं। कई बार किसी गलत ट्रांजैक्शन से जुड़ने पर लोगों की UPI या बैंक अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक हो जाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।
जरुरी कदम
गलती से पैसा आए तो तुरंत करें ये काम
अगर किसी अनजान व्यक्ति से अचानक आपके अकाउंट में पैसा आ जाए, तो उसे इस्तेमाल करने या आगे भेजने से बचें। सबसे पहले अपने बैंक या UPI ऐप को इसकी जानकारी दें। जरूरत पड़ने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। इससे यह साबित करने में मदद मिलती है कि आपका किसी धोखाधड़ी में हाथ नहीं है। समय पर जानकारी देने से अकाउंट ब्लॉक होने का खतरा कम हो सकता है।
जरुरी कदम
UPI ID ब्लॉक हो जाए तो क्या करें?
अगर साइबर शिकायत के कारण आपकी UPI ID बंद हो जाती है, तो सबसे पहले बैंक से मिले मैसेज, ईमेल या ऐप नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें। इसके बाद तुरंत बैंक या भुगतान सेवा कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें और विवादित रकम का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, स्क्रीनशॉट, आधार, पैन और शिकायत नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। सही जानकारी और दस्तावेज मिलने पर कई मामलों में कुछ दिनों में सेवा दोबारा शुरू हो सकती है।
सावधानी
इन सावधानियों से परेशानी से बच सकते हैं आप
कुछ आसान सावधानियां अपनाकर लोग ऐसी समस्याओं से बच सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति से पैसे मिलने पर सीधे बातचीत या रकम लौटाने की जल्दबाजी न करें। हमेशा बैंक को पहले जानकारी दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और बिना जांचे यूपीआई रिक्वेस्ट स्वीकार करने से भी बचना चाहिए। इसके अलावा, ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखें और सिर्फ भरोसेमंद ऐप का इस्तेमाल करें। समय-समय पर फोन और बैंकिंग ऐप की सुरक्षा सेटिंग अपडेट करना भी जरूरी माना गया है।