मेक्सिको में माया सभ्यता का अनूठा रहस्य हुआ उजागर
पुरातत्वविदों को मेक्सिको के कोआटेपेक में वेराक्रूज के पास कुछ बेहद अनोखे खंडहर मिले हैं। ये खंडहर 200 से 600 ईस्वी के बीच के बताए जा रहे हैं।
इस जगह की सबसे खास बात यहां मौजूद गोल पत्थर का एक चबूतरा और एक ऊंचा पत्थर का खंभा (मोनोलिथ) है। इस खंभे पर एक इंसान की आकृति उकेरी गई है, जिसमें माया सभ्यता की झलक दिखाई देती है।
मेक्सिको की सरकार अब इस खोज पर और ज्यादा शोध को बढ़ावा दे रही है क्योंकि राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने इसे बहुत ही महत्वपूर्ण बताया है।
खंभे पर मिले चित्रों से लगाए जा रहे अनुमान
मेक्सिको के ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत की सुरक्षा और शोध के लिए जिम्मेदार इंस्टीट्यूटो नैशनल डी एंट्रोपोलोजिया ई हिस्टोरिया (INAH) के विशेषज्ञों के अनुसार, चूना पत्थर से बने इस चबूतरे और गोल ढांचे जैसा और कोई निर्माण इस पूरे इलाके में अब तक नहीं मिला है।
लगभग 2 मीटर ऊंचे इस मोनोलिथ पर 2 लोगों को एक कटोरा पकड़े हुए दर्शाया गया है। यह प्राचीन रीति-रिवाजों की ओर इशारा कर सकता है या शायद सूखे जैसी समस्या से निपटने का कोई संकेत हो सकता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इसमें से एक आकृति किसी कुलीन व्यक्ति की हो सकती है, जिसमें माया सभ्यता की पहचान साफ दिख रही है। वे इन प्रतीकों के गहरे अर्थों को समझने के लिए और अधिक खुदाई करने को लेकर काफी उत्सुक हैं।