UN ने पेरिस समझौते की 1.5 डिग्री तापमान सीमा टूटने की दी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की हालिया रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग पेरिस समझौते में तय 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को लांघ सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर, देश अपने मौजूदा जलवायु वादों पर कायम भी रहते हैं, तब भी तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इसका सीधा मतलब है कि अगर, तुरंत कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया तो हमें जलवायु परिवर्तन के और भी गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
तापमान बढ़ने के होंगे गंभीर परिणाम
अगर, वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की तय सीमा को पार कर जाता है तो जलवायु परिवर्तन के बेहद बुरे नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। इसमें बर्फ की मोटी चादरें, समुद्री बर्फ, ग्लेशियर, पर्माफ्रोस्ट और बर्फीले क्षेत्रों में बड़े बदलाव शामिल हैं।
अनुमान है कि 2100 तक दुनिया के ग्लेशियर अपनी एक-चौथाई (25 फीसदी) से भी ज्यादा बर्फ खो देंगे। इससे समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा और कई इलाकों में पानी की उपलब्धता हमेशा के लिए बदल जाएगी या कम हो जाएगी।