तनाव से निपटने के लिए शराब पीने से कमजोर हो रहा दिमाग, अध्ययन में खुलासा
यूमास एमहर्स्ट का नया अध्ययन बताता है कि कम उम्र में तनाव से निपटने के लिए शराब पीना आपके दिमाग को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है।
ज्यादा शराब पीने के साथ-साथ लगातार तनाव दोनों मिलकर दिमाग की तनाव को संभालने की क्षमता को कमजोर करते हैं।
इससे सोचने की शक्ति भी घट जाती है और कोशिकाओं को ऐसा नुकसान होता है, जो बुढ़ापे और अल्जाइमर जैसी बीमारियों से जुड़ा है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि ये बुरे असर शराब छोड़ने के कई सालों बाद भी बने रह सकते हैं।
चूहों पर किया गया परीक्षण
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन चूहों को शराब और तनाव दोनों दिए गए, उनमें कोशिकाओं को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा और शराब छोड़ने के कई महीनों बाद भी उन्हें अपनी सोच में बदलाव लाने में काफी दिक्कत हुई। यह बताता है कि तनाव से निपटने के लिए शराब का सहारा लेना दिमाग के लिए तनाव से उबरना और भी मुश्किल बना देता है।
इससे नशे की लत बढ़ने या दोबारा शराब पीने का खतरा बढ़ जाता है। यह अध्ययन ऐसे बेहतर इलाजों पर जोर देता है, जो सिर्फ शराब छुड़ाने पर नहीं, बल्कि इसके लंबे समय तक रहने वाले नुकसान को ठीक करने पर केंद्रित हों।