जापान में पहली बार आवाज के अधिकार को मिली कानूनी सुरक्षा
टोक्यो कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि जापानी कानून में आवाज को कानूनी सुरक्षा हासिल है। यह मामला तब सामने आया जब जाने-माने एनीमे वॉयस कलाकार केनजिरो त्सुदा ने टिक-टॉक के खिलाफ केस किया।
त्सुदा को जुजुत्सु काइसेन और यू-गी-ओह जैसी मशहूर सीरीज में उनकी आवाज के लिए जाना जाता है।
उनकी शिकायत थी कि टिक-टॉक ने बिना इजाजत के उनकी आवाज का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्लोन बनाकर इस्तेमाल कर लिया है।
कोर्ट ने माना कि त्सुदा की आवाज की पहचान को कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने उन वीडियोज को हटाने का आदेश नहीं दिया।
AI क्लोन आवाज से जुड़ा पहला मामला
जापान में इसे AI द्वारा किसी की असली आवाज की नकल से बचाने का पहला मामला माना जा रहा है। खासकर मनोरंजन उद्योग में, जहां वॉयस कलाकारों की भूमिका बहुत अहम होती है।
कोर्ट ने साफ कर दिया कि किसी की भी खास आवाज का बिना इजाजत इस्तेमाल करना गलत है। एक तरफ जहां AI मनोरंजन की दुनिया को तेजी से बदल रहा है, वहीं यह फैसला एनीमे और उससे जुड़ी दुनिया के लिए एक छोटी, लेकिन अहम जीत साबित हुई है।