TISS और IIT बॉम्बे बनाएंगे सेंटर फोर AI एंड सोसाइटी, जानिए क्या है मकसद
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे मिलकर 'सेंटर फोर AI एंड सोसाइटी' बनाएंगे। इसकी घोषणा इस सप्ताह TISS के 86वें दीक्षांत समारोह में की गई।
यह केंद्र रतन टाटा स्कूल ऑफ एनालिटिक्स के अधीन काम करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि AI का वास्तविक दुनिया के मुद्दों पर क्या असर पड़ता है।
इसमें खासकर पर्यावरण की स्थिरता और सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर गहराई से शोध किया जाएगा। इसका मकसद है कि तकनीक सभी के लिए और अधिक सार्थक और उपयोगी बन सके।
रतन टाटा स्कूल AI पर बढ़ा रहा ध्यान
रतन टाटा स्कूल अपना ध्यान AI पर और ज्यादा बढ़ा रहा है। यह स्कूल पहले से ही ऐसे प्रोग्राम चला रहा है, जहां तकनीक और समाजशास्त्र का संगम होता है।
इस नए केंद्र से छात्रों को यह गहराई से समझने का मौका मिलेगा कि AI हमारी दुनिया को कैसे आकार देता है। इसमें नैतिकता, नीतियां बनाने और यह पक्का करने पर जोर होगा कि तकनीक वाकई लोगों के काम आए।
दीक्षांत समारोह में डॉ. सीएस प्रमेश ने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना जिज्ञासा और लचीलेपन के साथ करने के लिए प्रेरित किया।