AI से साइबर अपराधियों ने ठगे करीब 8,400 अरब रुपये, संयुक्त राष्ट्र का खुलासा
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पिछले साल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में साइबर अपराध करने वाले गिरोहों ने लोगों से 88 अरब डॉलर (करीब 8,400 अरब रुपये) की बड़ी ठगी की है।
ये नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में चीनी मूल के समूहों द्वारा चलाए जाते हैं, ऑनलाइन ठगी से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक सब कुछ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भ्रष्टाचार का इस्तेमाल करते रहे हैं। ये गिरोह अब और भी ज्यादा चालाक होते जा रहे हैं, जिससे इन्हें पकड़ना लगातार मुश्किल हो रहा है।
स्कैम सेंटर तस्करी किए गए मजदूरों को बनाते हैं बंधक
नुकसान इतना बड़ा है कि यह तो क्षेत्र के कुछ देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से भी ज्यादा है। रिपोर्ट बताती है कि कई स्कैम सेंटर तस्करी करके लाए गए मजदूरों को बेहद क्रूर हालात में काम करने पर मजबूर करते हैं। ये सेंटर पूरी दुनिया के लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
म्यांमार और लाओस जैसे इलाकों में कानून प्रवर्तन एजेंसियां सख्त कार्रवाई कर रही हैं, ऐसे में ये ऑपरेशन कम निगरानी वाले इलाकों अफ्रीका के कुछ हिस्से का रुख कर रहे हैं।
अपराधी अब कंटेंट बनाने के लिए जेनेरेटिव AI का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसी आशंका है कि वे क्रिप्टो चोरी के लिए एजेंटिक AI भी अपनाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन बढ़ते खतरों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर टीम वर्क और बेहतर तकनीकी समाधानों की तुरंत आवश्यकता है।