अब बिना सर्जरी के रेक्टल कैंसर के इलाज की संभावना, ट्रायल ने जगाई उम्मीद
स्टार-ट्रेक नाम के एक क्लिनिकल ट्रायल ने शुरुआती चरण के रेक्टल कैंसर के इलाज का एक ऐसा तरीका सुझाया है, जिसमें सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
चिकित्सकों ने कीमोथेरेपी और टारगेटेड रेडिएशन थेरेपी को मिलाकर इस्तेमाल किया, जिससे ज्यादातर मरीज बड़ी सर्जरी और उससे होने वाले अस्थायी या स्थायी कोलोस्टोमी बैग के इस्तेमाल से बच सके। इस शोध के नतीजे लैंसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
मरीजों को पहले साल सर्जरी से मिली राहत
हर साल हजारों लोग रेक्टल कैंसर की चपेट में आते हैं और इसकी सर्जरी उनकी जिंदगी पर बहुत गहरा असर डाल सकती है। स्टार-ट्रेक ट्रायल में जिन मरीजों का इलाज इस नए तरीके से हुआ, उनमें से 5 में से 4 को पहले साल सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ी। इस ट्रायल में शामिल एक प्रतिभागी ह्यूग चाउन ने बताया कि उन्हें कुछ साइड इफेक्ट्स जरुर हुए, लेकिन वे संभालने लायक थे और उन्हें किसी ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ी।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि भविष्य में इस इलाज से मरीजों में जटिलताएं कम होंगी। इस ट्रायल के अंतिम नतीजे अगले साल आने की उम्मीद है।