गूगल AI और स्नैप के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुकदमा
गूगल और स्नैप इस समय मुश्किल में हैं क्योंकि उन पर मुकदमे किए गए हैं। इन मुकदमों में कहा गया है कि उनके प्लेटफार्म बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं।
एक मामले में आरोप है कि गूगल के जेमिनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से एक बच्चे को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर परेशानी हुई।
दूसरी तरफ, स्नैप ने हाल ही में उन दावों का निपटारा किया है, जिनमें कहा गया था कि उसके ऐप से किशोरों को मानसिक तनाव हुआ था। स्कूलों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ये डिजिटल साधन बच्चों के लिए शायद उतने सुरक्षित नहीं हैं, जितने होने चाहिए।
बच्चों के लिए तकनीक हो ज्यादा सुरक्षित बनाने की मांग
ये मुकदमे इस बड़ी समस्या की ओर इशारा करते हैं कि टेक कंपनियां अपने प्रोडक्ट कैसे बनाती हैं। अक्सर वे यूजर्स को अपने प्लेटफार्म पर ज्यादा समय तक जोड़े रखने को सुरक्षा से ज्यादा अहमियत देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कंपनियों के लिए एक चेतावनी है। उन्हें बच्चों की सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बनानी होगी, नहीं तो उनकी साख को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
जैसे-जैसे मेटा और टिक-टॉक जैसी बड़ी कंपनियों के खिलाफ और मामले सामने आ रहे हैं, यह उम्मीद की जा सकती है कि बच्चों के लिए टेक्नोलॉजी बनाने के तरीके पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।