गेट्स फाउंडेशन AI से असमानता मिटाने के लिए खर्च करेगी एक अरब डॉलर
गेट्स फाउंडेशन अगले 2 सालों में दुनियाभर में फैली असमानता से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में एक अरब डॉलर (करीब 95 अरब रुपये) का निवेश करेगा। यह जानकारी उनकी हालिया 'गोलकीपर्स' रिपोर्ट में दी गई है।
इस प्लान का मकसद यह पक्का करना है कि AI हाशिए पर पड़े समुदायों की मदद करे, न कि उन्हें नुकसान पहुंचाए।
इसका खास ध्यान बेहतर स्थानीय भाषा मॉडल बनाने, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती के लिए स्मार्ट टूल बनाने पर होगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस नई तकनीक का फायदा उठा सकें।
साझेदारों में ये कंपनियां हैं शामिल
इस बड़े प्रोजेक्ट को कामयाब बनाने के लिए फाउंडेशन कई बड़ी AI कंपनियों के साथ काम करेगा। इनमें OpenAI भी शामिल है, जो रवांडा में स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए 5 करोड़ डॉलर (करीब 475 करोड़ रुपये) लगा रही है, वहीं एंथ्रोपिक वैक्सीन और कृषि के क्षेत्र में मदद करेगी।
इसके अलावा, गूगल डॉट ORG और माइक्रोसॉफ्ट भी अफ्रीकी भाषाओं के लिए AI को बेहतर बनाने में सहयोग कर रहे हैं। कुल निवेश में से करीब 10 करोड़ डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपये) उन समुदायों की भाषाओं में डेटासेट बनाने पर खर्च होंगे, जिन तक कम पहुंच है और जो स्थानीय परिस्थितियों को दर्शाते हैं।
लगभग 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,800 करोड़ रुपये) शिक्षा सुधारने के लिए दिए जाएंगे, 40 करोड़ डॉलर स्वास्थ्य सेवा के लिए और करीब 10 करोड़ डॉलर कृषि क्षेत्र के लिए तय किए गए हैं, ताकि तकनीक वहीं मदद कर सके, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।