अंटार्कटिका में 41 साल पहले मिले डायनासोर के जीवाश्म की हुई पहचान
करीब 41 सालों तक किसी की नजर में न आने के बाद अंटार्कटिका में खोजे गए पहले डायनासोर जीवाश्म की पहचान आखिरकार हो गई है। यह एक टाइटेनोसोर की पूंछ की हड्डी निकली है।
इसे 1985 में जेम्स रॉस आइलैंड पर खोजा गया था और तब इसे समुद्री सरीसृप समझ लिया गया। यह 10cm चौड़ी कशेरुका हड्डी है, जिसे हाल ही में मार्क इवांस ने पहचाना और उन्हें लगा कि यह डायनासोर की हड्डी जैसी दिख रही है।
जंगल से ढका हुआ अंटार्कटिका था टाइटेनोसोर का घर
अब विशेषज्ञों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि यह जीवाश्म एक टाइटेनोसोर का ही है। यह विशालकाय शाकाहारी डायनासोर लंबी गर्दन और पूंछ वाला होता था। ये करीब 8.2 करोड़ साल पहले धरती पर मौजूद थे।
उस समय अंटार्कटिका आज की तरह बर्फ से ढका नहीं था, बल्कि हरे-भरे जंगलों से भरा हुआ था। इस खास टाइटेनोसोर की लंबाई करीब 7-मीटर रही होगी और शायद उस समय यह बढ़ ही रहा था।
यह खोज डायनासोर के जीवन को समझने के लिए एक अहम जानकारी जोड़ती है। इससे पता चलता है कि ये विशालकाय जीव धरती के सबसे ठंडे कोनों में भी कैसे रहते थे और बदलते माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेते थे।