पिछले साल AI से दुनियाभर में धोखाधड़ी से 442 अरब डॉलर का नुकसान
मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान 'ब्यूरो ग्लोबल फ्रॉड इंटेलिजेंस रिपोर्ट 2026' जारी की गई है। इससे पता चला है कि पिछले साल दुनियाभर में धोखाधड़ी की वजह से कुल 442 अरब डॉलर (करीब 42,000 अरब रुपये) का भारी नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के टूल, जैसे डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग, धोखाधड़ी को बहुत आसान और सस्ता बना रहे हैं।
इसी के चलते नकली पहचान और संगठित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह हर उद्योग में अपनी जड़ें जमा रहे हैं।
6 महीने में मिले 14,000 धोखाधड़ी के गिरोह
धोखेबाज अब पहले से कहीं ज्यादा चालाक हो रहे हैं। ब्यूरो ने 2026 के पहले 6 महीनों (H1) में लगभग 14,000 संगठित धोखाधड़ी वाले गिरोहों का पता लगाया है।
इनमें से कई गिरोहों ने ऐसी पहचानों को दोबारा इस्तेमाल किया, जो बाद के हमलों में फिर सामने आ गईं, वहीं कुछ गिरोह एक साथ कई अलग-अलग सेक्टर्स को निशाना बना रहे थे।
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और फेडनाउ जैसे रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के आने से पैसा ट्रांसफर होने से पहले इन अपराधों को पकड़ना और भी मुश्किल हो गया है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि AI, नकली पहचान, फ्रॉड-एज-ए-सर्विस और आपस में जुड़े नेटवर्क, धोखाधड़ी के पूरे तरीके को नया रूप दे रहे हैं।