चीनी हैकरों ने AI से साइबर हमले किए दोगुने, ताइवान की कंपनी ने किया दावा
ताइवान की एक कंपनी TMT5 ने बताया है कि चीनी सरकार समर्थित हैकरों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल करके अपने साइबर हमलों को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है।
डीपसीक जैसे ओपन-सोर्स मॉडल की मदद से वे बहुत जल्दी निशाना ढूंढ पा रहे हैं और मैलवेयर बना रहे हैं। इन टूल्स की खास बात यह है कि ये सस्ते होने के साथ-साथ शक्तिशाली भी हैं और इनमें सुरक्षा से जुड़ी कमियां भी कम होती हैं।
AI माॅडल्स का ऐसे हो रहा गलत इस्तेमाल
TMT5 की रिसर्च में सामने आया है कि ग्रिमफेंगक्सी जैसे हैकर समूह एक्सप्लॉइट कोड लिखने के लिए डीपसीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं टेलीबॉय जैसे समूह इसी टूल का उपयोग करके इंटरनेट से 1,000 IP एड्रेस जमा कर रहे थे और किसी कंपनी के डोमेन की जानकारी भी इकट्ठा कर रहे थे।
एक हैकिंग-सॉफ्टवेयर कंपनी ने एक पश्चिमी थिंक टैंक पर हमले के दौरान ChatGPT का सहारा लिया। उन्होंने एक कर्मचारी के कंप्यूटर से सिग्नल डेटाबेस की कॉपी हासिल करने के बाद उसे डिक्रिप्ट करने के लिए एक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल बनाने में चैटबॉट का इस्तेमाल किया।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड टूल का इस्तेमाल 30 जगहों पर अपने आप हुए हमलों में किया गया। यह इस बात का संकेत है कि अगर, भविष्य में AI और भी स्मार्ट हो गया तो ऐसे हमलों को रोकना बहुत मुश्किल हो सकता है।