माइकल वॉन ने की नाइटक्लब विवाद में ब्रायडन कार्स को सख्त सजा देने की मांग
क्या है खबर?
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स की एक नाइटक्लब विवाद के बाद हुई गिरफ्तारी ने ब्रिटिश क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। इस शर्मनाक घटना पर पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने खिलाड़ियों के खराब व्यवहार और अनुशासनहीनता को रोकने के लिए ऐसी सख्त सजा देने की वकालत की है, जिससे पूरी इंग्लैंड टीम के भीतर एक सिहरन (डर) पैदा हो जाए। आइए उनका बयान जानते हैं।
बयान
वॉन ने क्या दिया बयान?
वॉन ने BBC रेडियो 5 लाइव पर इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "यह इंग्लैंड टीम के लिए एक बार फिर बेहद शर्मनाक बात है। इस मामले में सजा इतनी गंभीर होनी चाहिए कि हर कोई टीम की बदनामी करने के अंजाम को समझ सके और कोई भी दुर्व्यवहार करने से पहले उसके परिणामों के बारे में सोचे।"
उन्होंने कहा, "यही एकमात्र ऐसी सजा है जो वास्तव में खिलाड़ियों को चोट (असर) पहुंचाएगी।"
फितरत
वॉन ने कार्स को बताया मनमौजी
वॉन ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि कार्स को अपने आसपास अच्छा सहयोग मिल रहा होगा। वह थोड़ा मनमौजी स्वभाव का व्यक्ति है और अगर आप उसे थोड़ी सी भी छूट देंगे तो वह उसका भरपूर फायदा उठाएगा। उसे अपने आसपास ऐसे लोगों की जरूरत है जो उसे बेहतर सलाह दे सकें।"
उन्होंने कहा, "इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट इस ताजा घटना से बेहद नाराज होंगे। अब उन्हें अनुशासन, कर्फ्यू और शराब संस्कृति के सवालों के जवाब देने होंगे।"
जांच
क्रिकेट नियामक ने शुरू की मामले की जांच
इस विवाद के बाद क्रिकेट नियामक ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कार्स को पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच की टीम से बाहर कर दिया गया है।
दूसरे टेस्ट के लिए टीम में ब्रायडन कार्स की जगह सोनी बेकर को शामिल किया गया है।
डर्बीशायर पुलिस ने बताया कि शनिवार रात अत्यधिक शराब पीने और उपद्रव मचाने के संदेह में एक खिलाड़ी को गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
इतिहास
इंग्लैंड क्रिकेट में अनुशासनहीनता का पुराना इतिहास
हाल में इंग्लैंड क्रिकेट खिलाड़ियों के कई विवाद सामने आए हैं। अक्टूबर में हैरी ब्रूक पर न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में एक नाइटक्लब के बाहर हमला हुआ था।
एशेज दौरे के दौरान सलामी बल्लेबाज बेन डकेट को नुसा में छुट्टी मनाते समय नशे में धुत फिल्माया गया था।
जून में तत्कालीन टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने टीम का कर्फ्यू तोड़ा था। उसमें लंदन में एक रग्बी खिलाड़ी ने इंग्लैंड के सुरक्षा गार्ड पर हमला किया था।