AI के बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय कंपनियां अपना रहीं गोपनीयता कवच
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी की रफ्तार बढ़ रही है, जिसके चलते कंपनियां अब स्थानीय कानूनों का पालन करने और नैतिक व्यवहार बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
एक हालिया सर्वे से पता चला है कि इन कंपनियों की सबसे बड़ी चिंताएं डाटा की गोपनीयता, नैतिक सिद्धांतों का पालन और डिजिटल पहचान को सही ढंग से मैनेज करना है।
इसी के तहत बंधन बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के AI फ्रेमवर्क को अपनी AI रणनीति की नींव मान रहा है, ताकि AI का उनका इस्तेमाल जिम्मेदार, व्यापक, स्केलेबल और नैतिक बना रहे।
वैश्विक मानक भारतीय AI गवर्नेंस दे रहे आकार
भले ही स्थानीय नियमों को प्राथमिकता दी जाती हो, लेकिन GDPR और NIST जैसे वैश्विक दिशा-निर्देश भी भारतीय कंपनियों के AI संचालन को दिशा देते हैं।
अवीवा इंडिया इन मानकों को मानवीय निगरानी के साथ मिलाता है, ताकि लिए गए फैसले निष्पक्ष रहें। हालांकि, हर चीज को स्थानीय क्लाउड सिस्टम पर स्थानांतरित करना आसान नहीं है।
सिस्को इंडिया और साउथ एशिया में सुरक्षा के मुख्य तकनीकी अधिकारी (CTO) संदीप अग्रवाल का कहना है कि विजिबिलिटी, सिक्योरिटी, पॉलिसी एनफोर्समेंट और गवर्नेंस कैपेबिलिटीज जैसी क्षमताएं होना बेहद अनिवार्य है।
कानूनी विशेषज्ञ शहाना चटर्जी मानती हैं कि सुरक्षित ID अनियंत्रित AI को रोकने के लिए 'किल स्विच' और अपरिवर्तनीय ऑडिट लॉग्स का होना जरूरी है, ताकि व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।