टेलर स्विफ्ट ने जिस कुर्सी पर बैठकर देखा था मैच, वह 6 लाख रुपये में बिकी
क्या है खबर?
टेलर स्विफ्ट के प्रशंसक केवल अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हैं। वे उनसे जुड़ी हर छोटी-बड़ी वस्तु को हासिल करने की चाह रखते हैं, फिर चाहे वह एक मामुली कुर्सी ही क्यों न हो। 7 जून को एक कुर्सी की नीलामी की घोषणा की गई थी, जिस पर बैठकर स्विफ्ट ने एक बास्केटबॉल मैच देखा था। यह कुर्सी बीते दिन 6 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत पर नीलाम हुई है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
नीलामी
कितने में बिकी यह खास कुर्सी?
क्लीवलैंड कैवेलियर्स और न्यूयॉर्क निक्स के बीच हुई प्लेऑफ सीरीज के तीसरे मैच के दौरान स्विफ्ट नीलाम होने वाली कोर्टसाइड कुर्सी पर बैठी थीं। इसकी नीलामी 'द रियलिस्ट' नाम के नीलामीघर और क्लीवलैंड कैवेलियर्स ने मिलकर करवाई है। घोषणा वाले दिन ही इसकी बोली 4 लाख तक पहुंच गई थी, जिसके बाद अनुमान था कि यह करोड़ों में बिक सकती है। हालांकि, 14 जून, 2026 को यह 6.61 लाख रुपये में बिकी।
ट्रैविस
स्विफ्ट के मंगेतर की कुर्सी भी हुई नीलाम
नीलामी की घोषणा में स्विफ्ट के लिए लिखा गया था, "दुनिया की सबसे बड़ी संगीत कलाकार में से एक और 14 बार ग्रैमी अवॉर्ड जीतने वाली कलाकार।" इसके दौरान केवल स्विफ्ट की ही नहीं, बल्कि उनके मंगेतर ट्रैविस केल्से की भी कुर्सी बिकी थी। उनकी कुर्सी 1.32 लाख रुपये में नीलाम हुई है। इस नीलामी में बिकने वाली हर कुर्सी के साथ एक गवाह-आधारित ऑथेंटिकेशन सिस्टम वाला प्रमाण पत्र भी दिया गया, जो उनके असली होने का सबूत है।
अन्य सितारे
काइली जेनर की कुर्सी भी लाखों में बिकी
भले ही कैवेलियर्स को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस टीम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम के प्रशंसकों की कुर्सियां भी नीलाम की हैं। निक्स की समर्थक काइली जेनर की चौथे मैच वाली कुर्सी की कीमत 1.42 लाख रुपये लगी, जो उनकी प्रसिद्धि का बड़ा सबूत है। इसी मैच के दौरान टिमोथी चालमेट, मशीन गन केली और बेन स्टिलर भी निक्स की हौसला अफजाई कर रहे थे। उनकी कुर्सियां 1.13 लाख, 60 हजार और 69 हजार रुपये में बिकी हैं।
अन्य वस्तुएं
ये अन्य चीजें भी हुईं नीलाम
नीलाम की गई अन्य चीजों में तीसरे मैच में इस्तेमाल हुई बास्केटबॉल भी शामिल थी। इसके अलावा ईस्टर्न कॉन्फ्रेंस फाइनल के दौरान क्लीवलैंड में खेले गए हर मैच में इस्तेमाल हुए नेट को भी नीलामी का हिस्सा बनाया गया था। हार का सामना करने के बाद भी क्लीवलैंड का इन वस्तुओं को नीलाम करने का फैसला उनके लिए मुनाफे का सौदा साबित हुआ। इसके जरिए इस टीम और नीलामीघर ने अच्छी कमाई कर ली।